
बालाघाट. श्री कच्छ गुजराती समाजवाड़ी द्वारा गुजराती समाजवाड़ी में मंगलवार को सामूहिक श्री रांदल माता महोत्सव का आयोजन किया गया। बालाघाट में आयोजित गुजराती परिवारों द्वारा सामूहिक श्री रांदल माता महोत्सव के भक्ति रस में नगरवासियों ने आनंद की डुबकी लगाई। कार्यक्रम में भिलाई से पधारे भागवत कथा वाचक रांदल मॉ के उपासक उमेश भाई जानी, प्रकाश कृष्णकांत जोशी द्वारा भक्तिमय शैली में श्री सूर्य रांदल कथा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मुस्कराहट ही श्री रांदल माता का प्रसाद है। इस दौरान कच्छ गुजराती महिला मंडल की अध्यक्ष मीना शिशिर भाई चावड़ा ने जानकारी दी कि देश के प्रख्यात रांदल मॉ के कथावाचक प्रकाश कृष्णकांत भाई जोशी ने अपनी भक्तिमय शैली में कथा का वर्णन कर सभी का मन मोह लिया। उन्होंने मॉ के स्वभाव का वर्णन करते कहा कि मॉ दयालु, कृपालु और सभी दोषों को माफ कर हमारे गुणों को ही देखती हैं। माता-पिता की सच्ची सेवा ही असली पूजा है। हम इंसान द्वारा बनाई पत्थर की मूरत को भोग लगाते हैं, लेकिन कई बार माता-पिता को भोजन नहीं दे पाते। मॉ भगवती रांदल ने अपने पुत्र यम और यमुना का उद्धार किया और अश्व रूप में सूर्य नारायण की आराधना की।
विभिन्न कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
पूजा में शिशिर भाई चावड़ा, किशोर भाई टांक, पोपट भाई टांक, परेश भाई परमार, किशोर भाई चौहान परिवार से 5 जोड़ों ने हिस्सा लिया। 70 सुहागिनों की पग पूजा हुई। गुजराती समाज व अन्य समाज के भक्तों ने झूमकर गरबा रास, घोड़ा नृत्य, दो ताली, चार ताली, छकड़ी रास, सनेड़ा रास व जस गीत गाकर मॉ को प्रसन्न कर सुख-समृद्धि व शांति की कामना की। कार्यक्रम को सफल बनाने में गुजराती महिला मंडल की नम्रता राठौड़ , अमृता चावड़ा, निशा टांक, काजल चावड़ा, अर्चना चावड़ा, किरण चौहान का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में उपस्थितजनों का आभार गुजराती समाज के सदस्य राजेश भाई चावड़ा, हितेन भाई चौहान ने किया।
Updated on:
10 Apr 2018 06:36 pm
Published on:
10 Apr 2018 06:34 pm
बड़ी खबरें
View Allबालाघाट
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
