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बालाघाट. वारासिवनी थाना में पदस्थ एक हवलदार की मनमानी से पुलिस महकमा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। हवलदार द्वारा दो दिन तक वाहन के सुपुर्ददार को थाना के चक्कर लगवाए। इसके बाद मामला मीडिया में आने पर उसे वाहन मिल पाया।
पीडि़त मोहम्मद महबूब आलम ने बताया कि पिछले दिनों बालाघाट रोड पर हुए एक सड़क हादसे के बाद वारासिवनी पुलिस ने उनके वाहन को जब्त किया था। उक्त वाहन की जब्ती प्रक्रिया के बाद आवेदक ने वाहन को सुपुर्दनामा पर लिए जाने के लिए न्यायालय में आवेदन पेश किया। जहां से विपिन सिंह भदौरिया न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी वारासिवनी ने उक्त वाहन को सुपुर्दनामा पर दिए जाने के आदेश पारित किए। लेकिन वारासिवनी पुलिस के पास जब वाहन का चालक सुपुर्दनामा लेने पहुंचा, तो मामले की विवेचना कर रहे विवेचक हवलदार लक्ष्मीचंद बाहेश्वर ने वाहन दिए जाने और कागजात की कीमत तीन हजार रुपए बतौर रिश्वत की मांग की। राशि की व्यवस्था नहीं होने पर सुपुर्ददार को देर रात्रि तक वारासिवनी में ठहरने की लिए उक्त हवलदार ने मजबूर कर दिया। सुबह आकर कागजात और गाड़ी ले जाने की बात कही। सुबह जब पीडि़त अपना वाहन लेने पहुंचा तब पुन: हवलदार ने पांच सौ रुपए गाड़ी के मेकनिकल मुलाहिजा के मांग कर अपना खाना खर्चा की भी मांग की। जिस पर सुपुर्ददार ने अपना वाहन लेने से इंकार करते हुए थाना परिसर में ही आमरण अनशन करने की बात कहते हुए मीडिया को बुलवा लिया। इसके बाद यह मामला शांत हुआ। बिना पांच सौ रुपए दिए वाहन का मैकेनिकल मुलाहिजा भी हो गया और वाहन सुपुर्ददार को मिल गया। उन्होंने बताया कि इस मामले की लिखित शिकायत थाना प्रभारी को भी की गई है।
इस मामले मेें थाना प्रभारी महेन्द्र सिंह ठाकुर का कहना है कि सुपुर्दनामा आदेश था। हवलदार ने कागज नहीं दिया था। उसके द्वारा यह बताया गया कि गाड़ी का मुलाहिजा शेष था। इस वजह से उसने गाड़ी के कागजात रोके रखा था। मुलाहिजा हो जाने के बाद उसने गाड़ी के कागजात दे दिया है। हालांकि देरी हुई है और तीन हजार रुपए मांगने का जो आरोप लगा है, इसकी जांच कराई जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएंगे।
शेख अस्पाक आरक्षक के पद पर चयन
किरनापुर. मुख्यालय ग्राम पंचायत के वार्ड क्रमांक 10 गौसिया मस्जिद समीप निवासी फारेस्टर शेख रहूफ के पुत्र शेख अस्पाक(गोल्डी) का पुलिस आरक्षक पद पर मंडला जिले में चयन हुआ है। शेख अस्पाक ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के चलते इस पद को हासिल किया है। पिता शेख रहूफ, माता इमाम बेगम, नईम अरशद कुरैशी, शेख रफीक, शेख शरीफी, शेख शहीद, गौसिया मस्जिद के हाफीज फिरोज, मस्जिद के प्रसिडेंट युनूस भाई, जाकीर भाई सहित अन्य ने हर्ष व्यक्त किया है।
Published on:
02 Jun 2018 12:14 pm

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