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Heavy Rain-कंजई नाला ऊफान पर, दो घंटे बालाघाट-सिवनी का टूटा रहा सडक़ संपर्क

जिले में शनिवार की रात्रि से झमाझम बारिश हो रही है। भारी वर्षा से नदी-नालों का जल स्तर तेजी से बढऩे लगा है। बालाघाट-सिवनी मार्ग पर कंजई नाला ऊफान पर है। जिसके कारण बालाघाट-सिवनी का सडक़ संपर्क करीब दो घंटे तक टूटा रहा। बालाघाट. जिले में शनिवार की रात्रि से झमाझम बारिश हो रही है। […]

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जल स्तर

टोंडिया नाला से आवागमन करते लोग।

जिले में शनिवार की रात्रि से झमाझम बारिश हो रही है। भारी वर्षा से नदी-नालों का जल स्तर तेजी से बढऩे लगा है। बालाघाट-सिवनी मार्ग पर कंजई नाला ऊफान पर है। जिसके कारण बालाघाट-सिवनी का सडक़ संपर्क करीब दो घंटे तक टूटा रहा।

बालाघाट. जिले में शनिवार की रात्रि से झमाझम बारिश हो रही है। भारी वर्षा से नदी-नालों का जल स्तर तेजी से बढऩे लगा है। बालाघाट-सिवनी मार्ग पर कंजई नाला ऊफान पर है। जिसके कारण बालाघाट-सिवनी का सडक़ संपर्क करीब दो घंटे तक टूटा रहा। हालांकि, नाला से जल स्तर कम होने पर आवागमन भी शुरु हो जाता है। इसी तरह वारासिवनी से लालबर्रा मार्ग पर टोंडिया नाला का जल स्तर लगातार बढ़ते जा रहा है। यहां लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नाला पार कर रहे हैं। इधर, लगातार बारिश के चलते वैनगंगा, बाघ, चंदन, बावनथड़ी, सोन सहित अन्य नदियों का जल स्तर भी बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार आषाढ़ माह के अंतिम दिनों में इंद्रदेव ने अपनी प्रसन्नता दिखाई है। शनिवार की रात्रि और रविार को पूरे दिन रुक-रुककर तेज बारिश होते रही है। रविवार की सुबह करीब 10.30 बजे तक कहीं रिमझिम तो कहीं हल्की बारिश होते रही है। लेकिन दोपहर बाद से तेज बारिश प्रारंभ हुई। जो शाम तक जारी रही। इधर, लगातार बारिश से नदी-नालों का जल स्तर बढ़ गया।
रात्रि में 1 घंटे तो दिन में 2 घंटे आवागमन रहा बाधित
बालाघाट-सिवनी मार्ग पर ग्राम पंचायत कंजई का नाला ऊफान पर है। यहां पर रात्रि में भी 1 घंटे तो दिन में 2 घंटे तक आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा। लगातार बारिश के चलते रविवार को दोपहर करीब 1 से 3 बजे तक कंजई नाला ऊफान पर रहा। जिसके कारण बालाघाट-सिवनी का सडक़ संपर्क टूटा रहा। इसी तरह शनिवार की रात्रि में भी करीब 10 बजे 1 घंटे के लिए आवागमन बाधित हुआ था। इसके पूर्व भी शनिवार की शाम को नाले के ऊपर से पानी जाने के कारण आवागमन बाधित रहा। हालांकि, नाला के पानी का जल स्तर कम होने पर आवागमन पुन: शुरु हो गया।
जान जोखिम में डालकर आवागमन करते रहे लोग
वारासिवनी-लालबर्रा पहुंच मार्ग पर टोंडिया नाला का भी लगातार जल स्तर बढ़ रहा है। बावजूद इसके यहां से लोग अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन करते नजर आए। जानकारी के अनुसार रविवार को तेज बारिश के चलते टोंडिया नाला ऊफान पर था। मुख्य मार्ग होने के चलते लोग अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन करते रहे। राहगीरों को रोकने-टोकने वाला मौके पर कोई मौजूद नहीं था। बाद में पुलिस ने बेरिेकेट्स लगाकर आवागमन को रोकने का प्रयास किया।
शहर में जगह-जगह हुआ जल भराव
इधर, भारी बारिश के चलते शहर मुख्यालय में जगह-जगह जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थानीय हनुमान चौक में एक बार फिर से पानी की निकासी नहीं होने के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा शहर के नीचले क्षेत्रों में भी पानी भरने की स्थिति उत्पन्न हो गई। जिसके कारण लोगों को काफी परेशान होना पड़ा।
नदियों का बढ़ा जल स्तर
लगातर बारिश के चलते जिले में नदियों का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। दो दिनों की बारिश के चलते वैनगंगा नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी का छोटा पुल भी डूब गया है। इसी तरह जिले की सोन, बाघ, छोटी बाघ, चंदन, बावनथड़ी, चनई सहित अन्य नदियों का जल स्तर तेजी से बढऩे लगा है।
भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने भी जिले में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम कृषि विज्ञान केंद्र बडग़ांव से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 22 जुलाई को भी भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया है।
धान रोपाई के कार्य में आएगी तेजी
लगातार और तेज बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। वहीं अब धान रोपाई के कार्य में भी तेजी आएगी। दरअसल, आषाढ़ माह में औसत से भी कम बारिश हुई। जिसके चलते धान की रोपाई का कार्य काफी प्रभावित हुआ है। सिंचाई साधन से संपन्न किसानों ने सिंचाई कर धान की रोपाई की है। लेकिन शेष किसान अच्छी बारिश का इंतजार करते रहे। शनिवार और रविवार को हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। उल्लेखनीय है कि जिले में करीब 2.50 लाख हेक्टेयर में धान रोपाई का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक जिले में 75 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि पर धान की रोपाई हो पाई है।