
katangi Election Result: भाजपा के गौरव पारधी चुनाव जीते।
बालाघाट की कटंगी सीट से भाजपा के गौरव सिंह पारधी चुनाव जीत गए हैं। उन्होंने कांग्रेस के बोधसिंह भगत को हराया। यहां तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के इंजीनियर प्रशांत भाऊ रहे। भाजपा के गौरव सिंह पारधी को 85950 वोट मिले। कांग्रेस के बोध सिंह भगत को 64 हजार 019 वोट मिले। जबकि आम आदमी पार्टी के प्रशांत भाऊ को 11 हजार 019 वोट मिले। 17 नवंबर शुक्रवार को कटंगी विधानसभा सीट पर 86.83 फीसदी वोटिंग हुई।
इस सीट पर दो कांग्रेस नेताओं ने बागी होकर चुनाव लड़ा था। इसमें केशर बिसेन ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। वहीं प्रशांत मेश्राम ने आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ा। दोनों ही प्रत्याशियों ने अच्छे-खासे वोट काटे। नतीजा भाजपा के गौरव पारधी चुनाव जीत गए। चुनाव जीतने के बाद गौरव पारधी ने जीत का श्रेय जनता को दिया है। पारधी ने कहा है कि अब क्षेत्र के विकास कार्यों को पूरी प्राधमिकता के साथ किया जाएगा। जनता की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
मतदाता
2018 के विधानसभा चुनाव में कटंगी सीट पर हुए चुनाव पर नजर डालें तो 18 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला था। लेकिन कांग्रेस और बीजेपी के बीच मुख्य मुकाबला था। कांग्रेस के टामलाल रघुजी सहारे ने 11,750 मतों के अंतर से बीजेपी के केडी देशमुख को हराया था। टामलाल को 69,967 वोट मिले थे जबकि, देशमुख को 58,217 को वोट मिले। तीसरे नंबर पर बसपा के अजाबलाल शास्त्री (10,104) रहे थे। 2018 साल पहले हुए चुनाव में कटंगी सीट पर कुल वोटर्स 1,83,937 थे। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 92,922 थी तो, महिला मतदाताओं की संख्या 91,014 थी। इसमें से 1,52,044 83.2 फीसदी ने वोट डाले। बीजेपी के पक्ष में 913 यानी 0.5 फीसदी वोट पड़े थे। कटंगी विधानसभा सीट को खैरलांजी और तिरोड़ी तहसील को मिलाकर बनाया गया है। इस इलाके में 3 लाख से अधिक आबादी रहती है। यहां मतदाताओं में 99,255 महिला वोटर तो 99,193 पुरुष वोटर के अलावा थर्ड जेंडर के 2 वोटर हैं। कुल वोटर्स की संख्या 1,98,450 है।
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राजनीतिक इतिहास
महाराष्ट्र राज्य की सीमा पर स्थित कटंगी विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस का लंबे समय से दबदबा रहा है। कटंगी विधानसभा सीट पर वर्तमान विधायक तामलाल सहारे 1993, 1998 और 2018 में जीत कर तीसरी बार विधायक बने। वे 1998 में कांग्रेस की दिग्विजय सिंह सरकार में चिकित्सा मंत्री भी रहे हैं। 1957 से 2018 के बीच हुए विधानसभा चुनाव में अब तक 8 बार कांग्रेस, 4 बार बीजेपी और जनता पार्टी एक बार के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी 2 बार जीत चुके हैं। 2008 के चुनाव में बसपा की एंट्री से त्रिकोणीय मुकाबला हो गया और उसके उम्मीदवार उदयसिंह पंचमेश्वर गुरुजी ने 33,625 मत लेकर हासिल किया किया था, लेकिन कांग्रेस से विश्वेश्वर भगत ने जीत दर्ज कराई। तो 2013 में भी बसपा 37,280 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रही जबकि, बीजेपी के केडी देशमुख विधायक बने, लेकिन 2018 के चुनाव में कांग्रेस के तामलाल सहारे ने जीत का सेहरा पहना।
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Updated on:
05 Dec 2023 09:25 am
Published on:
07 Nov 2023 02:23 pm
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