12 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खबर प्रकाशन के बाद बंद कर दिया गया है खनन कार्य

कलेक्टर तक पहुंचा अवैध मुरूम खनन का मामला जागरूक युवाओं ने एसडीएम, खनिज और कलेक्टर से की शिकायत तालाब से जेसीबी लगाकर किया गया है मुरूम का खनन लालबर्रा के निलजी सरोवर का मामला,

2 min read
Google source verification
कलेक्टर तक पहुंचा अवैध मुरूम खनन का मामला

कलेक्टर तक पहुंचा अवैध मुरूम खनन का मामला

जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत निलजी के सार्वजनिक तालाब में जेसीबी मशीन से खनन कर ट्रैक्टरों के माध्यम से परिवहन किया गया। यह मामला अब कलेक्टर तक पहुंच गया है। क्षेत्र के जागरूक युवाओं ने मामले में कलेक्टर, एसडीएम और खनिज विभाग को लिखित शिकायत की है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई व एफआईआर दर्ज करवाए जाने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार तालाब जैसी सार्वजनिक जल संरचना को नुकसान पहुंचाकर बड़ी मात्रा में मुरुम निकाल ली गई। इस मुरुम का उपयोग कट्टी टोला से निलजी मार्ग पर किया जा रहा है। जबकि इस मार्ग के निर्माण के लिए करीब 20 लाख से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। बावजूद इसके बिना रायल्टी मुरुम की चोरी कर परिवहन कर लिया गया। बताया गया कि ट्रैक्टर चालकों को 500 रुपए प्रति ट्रिप के हिसाब से भुगतान किया गया है।

पत्रिका ने उठाया मामला

मप्र खनिज अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण नियम 2022 के तहत बिना वैध पट्टा, अनुमति खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण दंडनीय अपराध है। सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने पर भारतीय दंड संहिता की धाराएं भी लागू हो सकती हैं। बावजूद नियमों का धता बताकर किए गए कृत्य की जानकारी लगने पर पत्रिका ने अपने 30 दिसंबर 2025 के अंक में तालाब से जेसीबी लगाकर मुरम का अवैध उत्खनन शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशन किया गया। खबर को संज्ञान में लेकर आरईएस विभाग के उपयंत्री ने खनन कार्य बंद करवा दिया गया। लेकिन इस बीच बड़ी मात्रा में मुरम निकाली जा चुकी है।

राजस्व अमले पर पलड़ा

इस में वरिष्ठ स्तर तक शिकायत की गई है। पूरे मामले को लेकर आरईएस विभाग के उपयंत्री दीपक राहंगडाले से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि अखबारों के माध्यम से जानकारी लगने पर उन्होंने निर्माण एजेंसी को किसी तरह की गैर कानूनी गतिविधियां नहीं करने की बात कही है। कार्रवाई को लेकर कहना रहा कि कार्रवाई करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। संबंधित राजस्व अमला व तहसीलदार चाहे तो जब्ती बना सकते हैं। विभाग की ओर से मटेरियल का पूरा भुगतान किया जाना है।
वर्सन
हमने मटेरियल सप्लायर से इस मामले को लेकर चर्चा की थी। अवैध मुरम का उपयोग नहीं किया जा सकता है। हालाकि यदि खनन हुआ है तो उस पर राजस्व अमला नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है।
दीपक राहंगडाले, उपयंत्री आरईएस

मामला हमारी जानकारी में है। हम आज कल में मौके पर दिखावाते हैं। अवैध रूप से खनन पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।
भूपेन्द्र सिंह अहिरवार, तहसीलदार लालबर्रा

बड़ी खबरें

View All

बालाघाट

मध्य प्रदेश न्यूज़

ट्रेंडिंग