बालाघाट. इस मामले में लांजी के पूर्व विधायक किशोर समरिते का कहना है कि मौजूदा विधायक गौरीशंकर बिसेन ने 18 मार्च 2000 को गलत जानकारी देकर वारासिवनी एसडीएम से फर्जी जाति, आय प्रमाण पत्र बनवाया था। जिसमें उन्होंने अपनी आय 80 हजार रुपए होना दर्शाया है। जबकि वे वर्ष 2००० के पूर्व सांसद व विधायक भी रह चुके है। उन्हें पूर्व सांसद, पूर्व विधायक की पेंशन मिल रही है तो वे क्रीमिलेयर की श्रेणी में आते है। इस मामले में पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन पर अपराध दर्ज होना चाहिए।