
वामन अवतार एवं प्रहलाद चरित्र की कथा सुनाई
कटंगी। अर्जुनटोला में संगीतमय श्रीमद भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया गया है। 4 फरवरी से हनुमान मंदिर में शुरू इस धार्मिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ से पधारे कथावाचक रूपेश मिश्रा कथा का वाचन कर रह हैं। कथा के तीसरे दिन आज महाराज ने वामन अवतार एवं प्रहलाद चरित्र की कथा सुनाई। कथावाचक ने कथा सुनाते हुए कहा कि जीवन में ऐसे मोड़ आते हैं, जिसका हमें अंदेशा भी नहीं होता है। हमें हर बुराई से लडऩे के लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मनुष्य रूप में जन्म लेना सबसे बड़ी उपलब्धि है। कथा के दौरान ग्रामीण भक्त भक्ति में झूमने लगे। वामन अवतार की कथा सुनाते मिश्रा ने कहा कि राजा बलि को यह अभिमान था कि उसके बराबर समर्थ इस संसार में कोई नहीं है। भगवान ने राजा बलि का अभिमान चूर करने के लिए वामन का रूप धारण किया और भिक्षा मांगने राजा बलि के पास पहुंच गए। अभिमान से चूर राजा ने वामन को उसकी इच्छानुसार दक्षिणा देने का वचन दिया। वामन रूपी भगवान ने राजा से दान में तीन पग भूमि मांगी। राजा वामन का छोटा स्वरूप देख हंसा और तीन पग धरती नापने को कहा इसके बाद भगवान ने विराट रूप धारण कर एक पग में धरती आकाश दूसरे पग में पाताल नाप लिया और राजा से अपना तीसरा पग रखने के लिए स्थान मांगा। प्रभु का विराट रूप देख राजा का घमंड टूट गया और वह दोनों हाथ जोड़कर प्रभु के आगे नतमस्तक होकर बैठ गया और तीसरा पग अपने सर पर रखने की प्रार्थना की। वामन अवतार का झांकियों के साथ वृतांत सुनकर भक्त भाव-विभोर हो गए। कथा के बीच-बीच में भजनों ने भक्तों को भक्ति में झूमने के लिए मजबूर कर दिया। आयोजन समिति ने बताया कि कथा का समापन 10 फरवरी को होगा। इस दिन भगवती देवी जागरण की प्रस्तुती होगी। जिसमें मानेगांव के भजन गायक माता रानी के भक्तों की प्रस्तुती देंगे। आयोजकों ने समस्य धर्मप्रेमियों एवं श्रद्धालुओं से भागवत कथा का श्रवण कर धर्मलाभ कमाने की अपील की है।
Published on:
07 Feb 2019 01:32 pm
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