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दुर्घटना होने पर अब मौके पर ही दर्ज होगी ऑनलाइन एफआइआर

आइआरएडी एप्लीकेशन का दिया गया प्रशिक्षण

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दुर्घटना होने पर अब मौके पर ही दर्ज होगी ऑनलाइन एफआइआर

दुर्घटना होने पर अब मौके पर ही दर्ज होगी ऑनलाइन एफआइआर

बालाघाट. सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अक्सर सरकार के द्वारा सार्थक प्रयास किए जाते हैं। लेकिन छोटी-छोटी गलतियों के कारण सड़क दुर्घटनाओं में लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। इन्हीं गलतियों से सबक लेने व सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस एप्लीकेशन एनआईसी द्वारा इंप्लीमेंट किया गया है। इस एप्लीकेशन का पुलिस लाइन के सभागृह में प्रशिक्षण दिया गया। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी राधाकृष्णन और उनके साथ डिस्ट्रिक्ट रूल आउट मैनेजर अनुपम मिश्रा के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस प्रणाली पर काम शुरू होने जा रहा है। यदि किसी मार्ग पर दुर्घटना होती है तो पुलिस के पहुंचते ही ऑनलाइन मामला दर्ज होगा। जैसे पुलिस घटना का विवरण मोबाइल एप्लीकेशन में दर्ज करेगी, निकट के स्वास्थ्य केंद्र के अलावा लोक निर्माण विभाग व सड़क परिवहन विभाग के पास अलर्ट के तौर पर एसएमएस पहुंच जाएगा। इस प्रोजेक्ट को देश के अभी 6 राज्यों उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के लाइट हाउस बालाघाट जिले के अलावा अन्य 11 लाइट हाउस जिलों को शामिल किया गया है । प्रोजेक्ट से जुड़े पुलिस व अन्य विभागीय अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में बताया गया कि दुर्घटना स्थल पर पुलिस मोबाइल ऐप पर विवरण दर्ज करेगी। इसमें घटना से प्रभावित व्यक्ति का नाम, उम्र, पता, वाहन क्रमांक, लाइसेंस संख्या, स्थान, दुर्घटना का संभावित कारण फोटो व वीडियो अपलोड करेगी। प्रक्रिया पूरी होते ही पास के स्वास्थ्य केंद्र में पोर्टल के जरिए यह सूचना पहुंचेगी और इसी आधार पर इलाज संबंधी तैयारी अस्पताल में होगी। लोक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग के पास इसकी सूचना स्वचालित प्रणाली से पहुंचेगी। विभाग घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार कर ऑनलाइन दर्ज करेगी। इन आंकड़ों का अध्ययन आइआइटी मद्रास करेगी। फिर वह सुझाव देगी की दुर्घटनाओं में सड़क निर्माण संबंधी क्या सुधार किया जाए। इस तरह एक बेहतर व्यवस्था बनाई जाएगी ताकि कम से कम सड़क दुर्घटनाएं हो और लोगों की जान बचाई जा सकें। प्रशिक्षण के दौरान यातायात विभाग के अलावा अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।