बाढ़ ग्रस्त ग्रामों में शीघ्र किया जाए फसलों का सर्वेग्राम पंचायत गुनई के पीडि़त किसानों ने सौंपा ज्ञापन
बालाघाट/खैरलांजी. खैरलांजी क्षेत्र में अतिवर्षा और बाढ़ से धान की फसल काफी खराब हो गई है। पीडि़त किसान अब मुआवजा की मांग कर रहे हैं। किसानों ने बाढ़ ग्रस्त ग्रामों में शीघ्र फसल का सर्वे किए जाने की मांग की है। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत गुनई के किसानों सर्वे की मांग को लेकर ज्ञापन भी सौंपा है।
जानकारी के अनुसार 15 सितंबर को क्षेत्र में अतिवृष्टि हुई थी। 15 सितंबर की शाम से लगातार तेज बारिश हुई। जिसके चलते 16 सितंबर को क्षेत्र के छोटे-बड़े नदी-नाले उफान पर थे। क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बन गई थी। छोटे-बड़े नदी-नालों, रपटे के किनारे स्थित खेतों में लगी धान की फसल बाढ़ के पानी डूब गई। तीन दिन से ज्यादा पानी खेतों में भरा रहा। जिसके चलते फसल काफी प्रभावित हुई है। इस प्राकृतिक आपदा से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने बताया कि फसल गर्भ पर होने और तीन से चार दिन तक पानी भराव के कारण फसल बदरा गई है। जिससे उत्पादन में काफी कम होगा। अतिवर्षा के कार जो बाढ़ आई उससे लगभग 100 एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि में लगी धान की फसल को नुकसान हुआ है। इतना ही नहीं लगातार वर्षा से ग्राम गुनई में कच्चे मकान भी जमींदोज हुए है।
पटवारी, आरआई से कराया जाए सर्वे
किसानों ने पटवारी, आरआई से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का शीघ्र सर्वे कराने और मुआवजा दिए जाने की मांग की है। ताकि किसानों को कुछ राहत मिल सकें। किसानों के अनुसार उन्होंने कर्ज लेकर धान की बीज बोनी से लेकर रोपाई का कार्य कराया था। ऐसे में उत्पादन नहीं होने पर उन्हें आर्थिक नुकसान होगा। जनपद पंचायत उपाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद लिल्हारे ने बताया कि गुनई के अलावा अन्य ग्राम पंचायत लावनी, सिवनघाट, भेंडारा, टेमनी सहित अन्य गांवों मेंं बाढ़ से किसानों की फसल बर्बाद हुई है।
इन्होंने की मांग
जनपद उपाध्यक्ष दुर्गाप्रसाद लिल्हारे, सामाजिक कार्यकर्ता भारत शिवहरे, जनपद सदस्य अंजीलाल पघरवार, कैलाश पटले, पूरनलाल भगत, पंकज मसखरे, रामप्रसाद मसखरे, शिवप्रसाद बिसेन, शिवप्रसाद, गोविंद पटले, सुकुमार मसकरे, रामप्रसाद नगपुरे, कोमल प्रसाद नगपुरे, शिव नगपुरे, सुकल बिसेन, टेकराम बिसेन, हीरेश पटले सहित अन्य किसानों ने सर्वे कराकर मुआवजा प्रदान किए जाने की मांग की है।