
शहर के हनुमान चौक में उपवास रख दिा सांकेतिक धरना
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में प्रस्तावित बदलावों और इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जहरीले पानी से हुई मौतों पर 17 जनवरी को कांग्रेस ने विरोध जताया। शहर के हनुमान चौक में जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले सांकेतिक धरना उपवास कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष व बैहर विधायक संजय उइके, विधायक अनुभा मुंजारे सहित कांग्रेस संगठन के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
धरना उपवास के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों पर विरोध दर्ज कराया गया। धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) गरीबों के लिए जीवनरेखा है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार का कानूनी अधिकार मिला है, लेकिन वर्तमान में किए जा रहे बदलाव इस अधिकार को कमजोर करने का प्रयास हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अभी 100 दिन का रोजगार नहीं दे पा रही है, तो सरकार आगे कैसे 125 दिन का रोजगार दे पाएगी, ग्रामीण मजदूरों की रोजगार और आजीविका खतरे में पड़ रही है। इसी तरह इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जहरीले पानी से हुई मौतों को लेकर भी गहरा रोष व्यक्त किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि यह घटना शासन-प्रशासन की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने में विफलता के कारण निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जो अत्यंत दुखद और निंदनीय है।
विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा कि इंदौर की घटना ने शासन की संवेदनहीनता को उजागर किया है। इसकी निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। धरना-उपवास के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए और दोनों मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। अंत में कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मनरेगा से संबंधित निर्णयों को वापस नहीं लिया और इंदौर की घटना पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Published on:
18 Jan 2026 11:55 am
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