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खेत किनारे बाघ के विचरण से धान कटाई पर लगा विराम

शेरपार से नांदगांव के बीच सडक़ पार करते दिखा बाघ

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शेरपार से नांदगांव के बीच सडक़ पार करते दिखा बाघ

शेरपार से नांदगांव के बीच सडक़ पार करते दिखा बाघ

दक्षिण वन मंडल बालाघाट के तहत वन परिक्षेत्र वारासिवनी अंतर्गत शेरपार से नांदगांव के बीच इन दिनों बाघ का मूवमेंट बना हैं। इस क्षेत्र में पंद्रह दिनों के भीतर दो मवेशियों का शिकार कर लिया है। बाघ खेत व जंगल किनारे विचरण करने से किसान खेत जाने से डर रहे है। ऐसे में धान कटाई पर विराम लगा है, क्योंकि दो साल पूर्व एक किसान को बाघ ने इसी क्षेत्र में अपना निवाला बनाया था। दरअसल 21 नवंबर को दोपहर करीब 12 बजे वारासिवनी-कटंगी मुख्य मार्ग पर ग्राम शेरपार के पास सडक़ पार करते एक वयस्क बाघ राहगीरों व किसानों ने देखा गया।
बाघ का सडक़ पार करते हुए वीडियो बनाकर उसे इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद से वीडियो तेजी से बहुप्रसारित हो रहा हैं। बाघ के विचरण की जानकारी वन विभाग को मिलते ही मुनादी कराकर मूवमेंट वाले क्षेत्र में किसानों को नहीं जाने की सलाह दी गई है।

दो मवेशी का किया शिकार

परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 492 व 493 में दो स्थानों पर बाघ ने मवेशी का शिकार भी किया है। इसमें किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ा है। ग्रामीणों ने बाघ को जंगल की तरफ खदेडऩे की मांग वन विभाग से की है। बाघ ने नांदगांव के जंगल में 19 नवंबर को एक मवेशी का शिकार किया गया था। ये मवेशी ग्राम वन समिति अध्यक्ष नांदगांव निवासी रवि नगरधने का था, जिसकी सूचना पर वन विभाग ने पंचनामा कार्रवाई पूरी की गई। बाघ दिखने से तीन दिन होने जा रहे हंै कि किसान खेत जाने से डर रहे हैं, जो लोग जा रहे है वे शाम चार बजे के पूर्व घर लौट आते हैं। बताया जा रहा है कि इसी दिन ग्राम शेरपार बीट सिरपुर के कक्ष क्रमांक 492 में दिनदहाड़े महादेव पहाड़ी के पीछे टोलीराम पिता लालचंद पटले शेरपार निवासी के सफेद रंग का बैल का बाघ ने शिकार कर जंगल के अंदर खींचते लेकर चला गया।

इधर ढीमरूरीठ में लगेगा पिंजरा

वन परिक्षेत्र कटंगी के वनग्राम जमुनिया व ढीमरूरीठ में पिछले 15 दिनों से तेंदुए का मूवमेंट बना है। इतने दिनों में तेंदुए ने 13 बकरियों का शिकार किया है। इस बीच जमुनिया सरपंच पर एक बार तेंदुए ने बाइक से घर जाते समय हमला किया। लेकिन वे बाल-बाल बच गए। तेंदुए को पकडऩे सरपंच ने वन विभाग को पत्र लिखा है। इसके बाद वन विभाग पिंजरा जल्द लगाएगा। कटंगी व तिरोड़ी के जंगल सिवनी पेंच से लगे हैं। इस वजह से बाघ, तेंदुए समेत अन्य वन्य प्राणी बहुत अधिक संख्या में हैं।
अभी खैरलांजी में बाघ का डर दूर नहीं हुआ है, लेकिन जमुनिया ढीमरूरीठ में तेंदुए का मूवमेंट बढऩे से वन विभाग की नींद उड़ गई है। वन परिक्षेत्र अधिकारी बाबूलाल चढ़ार ने कहा कि तेंदुए को पकडऩे पिंजारा लगवाने वरिष्ठ स्तर पर पत्र व्यवहार किया गया है। अनुमति मिलते ही पिंजारा लगाने की कार्रवाई की जाएगी।

वर्सन
नांदगांव व शेरपार के जंगल किनारे व खेतों में इन दिनों बाघ का मूवमेंट होने की जानकारी मिल रही है। शेरपार में सडक़ पार करते बाघ का एक वीडियो भी सामने आया है। गश्त बढ़ा दी गई है और किसानों को खेतों में जाते समय ग्रुप में जाने की सलाह दी गई।
क्षत्रपाल सिंह जादौन, रेंजर वारासिवनी

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