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हड़ताल पर पटवारी, सर्वे का कार्य अटका, परेशान हो रहे ग्रामीण

अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों, ग्रामीणों ने की शीघ्र सर्वे की मांगबालाघाट, लालबर्रा, खैरलांजी क्षेत्र में सर्वाधिक हुआ है नुकसान

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बालाघाट. जिले में हाल ही में हुई अतिवृष्टि से धान की फसल बर्बाद हो गई। सैकड़ों ग्रामीणों के घर जमींदोज हो गए। लेकिन अभी तक सर्वे का कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। सर्वे का कार्य प्रारंभ नहीं होने से ग्रामीण और किसान दोनों परेशान है। प्रभावितों ने शीघ्र सर्वे कराकर मुआवजा दिए जाने की मांग की है। इधर, पटवारियों की बेमियादी हड़ताल जारी है। जिसकी वजह से सर्वे का कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है।
जानकारी के अनुसार जिले में 14 सितंबर की रात्रि से हुई अतिवृष्टि से जहां धान की फसल बर्बाद हो गई। वहीं सैकड़ों की संख्या में कच्चे आवास जमींदोज हो गए। किसान और ग्रामीण दोनों परेशान है। परेशान ग्रामीणों, किसानों ने अब शासन-प्रशासन से राहत की गुहार लगाई है। लालबर्रा क्षेत्र के किसानों ने ज्ञापन सौंपकर शीघ्र ही सर्वे कार्य प्रारंभ करवाकर मुआवजा प्रदान किए जाने की मांग की है। तीन पंचायत से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने औल्याकन्हार सरपंच प्रतिनिधि ओमप्रकाश बिसेन व ददिया सरपंच प्रतिनिधि भलावी के नेतृत्व में नायब तहसीलदार लालबर्रा को ज्ञापन सौंपा है।
मौसम की मार, किसान परेशान
किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से किसान काफी परेशान है। किसान काफी मशक्कत कर जैसे-तैसे फसल की बोनी करता है। बाद में मौसम की वजह से उसे काफी नुकसान उठाना पड़ता है। इस वर्ष भी प्राकृतिक आपदा के चलते किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसी स्थिति में हल्का पटवारी से सर्वे करवाकर क्षतिग्रस्त फसल का मुआवजा प्रदान किया जाए।
किसानों को दिया जाए मुआवजा
किसान ओमप्रकाश बिसेन, लक्ष्मीचंद पंचेश्वर, लखनलाल पंचेश्वर, कमला बाहेश्वर, सुनील पंचेश्वर, अंतराम पंचेश्वर, कुवर चौधरी, साहेब लाल चौधरी, रमेश चौधरी, राजू पंचेश्वर, देवीप्रसाद पंचेश्वर, पुनई बाई पंचेश्वर, शिवप्रसाद कटरे, कृष्ण कुमार राणा, गणेश पंचेश्वर, यशवंत कावर, आशीष टेंभरे, जय सिंह बघेल राजाराम राणा सहित अन्य किसानों ने मांग की है कि अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त धान की फसल और जमींदोज हुए मकानों का शीघ्र सर्वे कराया जाए। पीडि़त किसानों और ग्रामीणों को मुआवजा प्रदान किया जाए।
तीन विकासखंड में सर्वाधिक नुकसान
अतिवृष्टि से बालाघाट, खैरलांजी और लालबर्रा विकासखंड में सर्वाधिक नुकसान हुआ है। इन तीनों ही विकासखंड के करीब 25 गांव बाढ़ प्रभावित रहे हैं। इन गांवों में ढाई सौ से तीन सौ किसानों की फसल खराब हो होने की संभावना है। तीनों ही विकासखंड में एक सैकड़ा से अधिक मकान जमींदोज हो गए हैं। हालांकि, अभी सर्वे का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। जब तक सर्वे का कार्य पूरा नहीं होगा, तब तक नुकसानी की वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाएगी।
28 अगस्त से जारी है पटवारियों की हड़ताल
पूरे प्रदेश में 28 अगस्त से पटवारियों की बेमियादी काम बंद हड़ताल जारी है। पटवारी संघ 28 सौ रुपए ग्रेड-पे, वेतन विसंगति, समयमान सहित अन्य समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार ने अब तक पटवारियों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। पटवारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।