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34 मकानों में 177 की आबादी, दस वर्ष में बने सिर्फ पांच ग्रामीणों के पीएम आवास-

सरकारी योजनाओं से दूर कछार के ग्रामीण पहाड़ी इलाका होने से नहीं पहुंचते अधिकारी जागरूकता के अभाव में ग्रामीण भी नहीं उठा पाते आवाज

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सरकारी योजनाओं से दूर कछार के ग्रामीण

सरकारी योजनाओं से दूर कछार के ग्रामीण

केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से अब भी दूरस्थ इलाकों के ग्रामीण वंचित है। ताजा मामला जिले की अंतिम सीमा के घने जंगल और पहाड़ पर बसे वन ग्राम कछार का सामने आया है। कछार कटंगी जनपद की ग्राम पंचायत जमुनिया का वनग्राम हैं। यहां सिर्फ पांच आदिवासियों तक योजना पहुंच पाई हैं। शेष परिवार आज भी कवेलू वाले मकानों में रहने मजबूर है।
बताया गया कि कछार में 34 मकानों में 177 की आबादी निवास करती हैं। करीब 44 से 45 परिवार यहां निवास करते आ रहे हैं। यह गांव जंगल के अंदर पहाड़ी पर बसा होने से जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारी बहुत कम ही यहां निरीक्षण पर पहुंचते हैं। यहां आने के लिए सिवनी से होकर जाना पड़ता हैं।

ग्रामीणों ने बताई व्यथा

कछार के ग्रामीणों ने बताया कि वे यहां वर्षों से रह रहे है। उनके गांव में केवल पांच लोगों के मकान पीएम आवास योजना के तहत बनाए गए हैं। शेष परिवारों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। कभी कभार गांव में पंचायत प्रतिनिधि आते हैं, उनका कहना रहता है कि सर्वे कराकर इस बार नाम जोड़ दिया गया है।

सामग्री ले जाने की परेशानी

जिले की अंतिम सीमा, जंगल व पहाड़ी पर वनग्राम कछार बसा है। यहां मकान निर्माण सामग्री लेकर जाने में परेशानी होती है। आदिवासी समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि हालात जो भी हो, शासन के नियम हंै कि कच्चे मकान में रहने वाले गरीबों को पीएम आवास योजना का लाभ दिया जाए। लेकिन योजना शुरू हुए इतने वर्ष बाद भी कछार में योजना का लाभ नहीं मिल पाना, जिम्मेदारों की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
वर्सन
वनग्राम कछार में बहुत पहले वन विभाग ने आदिवासियों के मकान बनवाए थे। उस समय राशि कम थी, कच्चे मकान बनाए गए हंै। पूर्व में दूसरे सरपंच का कार्यकाल रहा है। मेरे कार्यकाल में जो आदिवासी छूट गए हैं, थेएउनका सर्वे कराकर नाम जोड़ दिया गया हैं।
उमेश पटले, सरपंच जमुनिया

वनग्राम कछार में पांच आदिवासी के मकान में बने हंै। जिनके आवास नहीं बने थे, उनके नाम सर्वे में जोड़ दिए हंै।
मनीष राणा, सचिव जमुनिया


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ग्रामीण थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोंदिया रोड पर नवेगांव से आगे शनिवार को एक भयावह सडक़ दुर्घटना सामने आई। इस हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जबकि ऑटो चालक को भी चोटें आई हैं। दुर्घटना के बाद 16 चका ट्रक का चालक मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना 10 जनवरी को दोपहर हुई। सिद्धार्थ नगर बूढ़ी बालाघाट निवासी 29 वर्षीय अमन राज पिता कन्हैया लाल पटले अपनी बाइक से ग्राम सालेटेका से बालाघाट लौट रहे थे। नवेगांव के आगे नवेगांव से गोंगलई की ओर जा रही एक ऑटो से उनकी बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर के चलते अमन राज सडक़ पर गिर पड़े। इसी दौरान पीछे से गुजर रहे एक 16 चका ट्रक ने युवक के दोनों पैर को कुचल दिया। ट्रक चालक बिना रुके मौके से फरार हो गया। हादसा इतना दर्दनाक था कि मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। वहीं बाइक की टक्कर से ऑटो भी अनियंत्रित होकर पलट गई। ऑटो चालक राजेंद्र सोलाखे निवासी ग्राम नेतरा नवेगांव घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। बताया गया कि अमन राज पटले पेशे से एलईडी टीवी मैकेनिक हैं और सिद्धार्थ नगर बूढ़ी में अपने परिवार के साथ रहते हैं। बताया गया कि 9 जनवरी को वह अपनी पत्नी और पांच वर्षीय बेटी के साथ ग्राम सालेटेका अपनी बुआ के घर गए थे। रात में वहीं रुकने के बाद अमन राज अपनी पत्नी और बेटी को वहीं छोडकऱ अकेले बालाघाट के लिए निकले थे। इसी दौरान यह दुर्घटना घटित हुई। प्राथमिक उपचार के बाद अमन राज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल हायर सेंटर रेफर कर दिया गया, जबकि ऑटो चालक राजेंद्र सोलाखे का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। जिला अस्पताल पुलिस चौकी द्वारा घायल अमन राज के पिता कन्हैया लाल पटले के बयान दर्ज कर तहरीर अग्रिम कार्रवाई के लिए संबंधित थाना ग्रामीण नवेगांव भेज दी गई है। पुलिस फरार ट्रक चालक की तलाश में जुटी है।

ग्रामीण थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोंदिया रोड पर नवेगांव से आगे शनिवार को एक भयावह सडक़ दुर्घटना सामने आई। इस हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जबकि ऑटो चालक को भी चोटें आई हैं। दुर्घटना के बाद 16 चका ट्रक का चालक मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना 10 जनवरी को दोपहर हुई। सिद्धार्थ नगर बूढ़ी बालाघाट निवासी 29 वर्षीय अमन राज पिता कन्हैया लाल पटले अपनी बाइक से ग्राम सालेटेका से बालाघाट लौट रहे थे। नवेगांव के आगे नवेगांव से गोंगलई की ओर जा रही एक ऑटो से उनकी बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर के चलते अमन राज सडक़ पर गिर पड़े। इसी दौरान पीछे से गुजर रहे एक 16 चका ट्रक ने युवक के दोनों पैर को कुचल दिया। ट्रक चालक बिना रुके मौके से फरार हो गया। हादसा इतना दर्दनाक था कि मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। वहीं बाइक की टक्कर से ऑटो भी अनियंत्रित होकर पलट गई। ऑटो चालक राजेंद्र सोलाखे निवासी ग्राम नेतरा नवेगांव घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। बताया गया कि अमन राज पटले पेशे से एलईडी टीवी मैकेनिक हैं और सिद्धार्थ नगर बूढ़ी में अपने परिवार के साथ रहते हैं। बताया गया कि 9 जनवरी को वह अपनी पत्नी और पांच वर्षीय बेटी के साथ ग्राम सालेटेका अपनी बुआ के घर गए थे। रात में वहीं रुकने के बाद अमन राज अपनी पत्नी और बेटी को वहीं छोडकऱ अकेले बालाघाट के लिए निकले थे। इसी दौरान यह दुर्घटना घटित हुई। प्राथमिक उपचार के बाद अमन राज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल हायर सेंटर रेफर कर दिया गया, जबकि ऑटो चालक राजेंद्र सोलाखे का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। जिला अस्पताल पुलिस चौकी द्वारा घायल अमन राज के पिता कन्हैया लाल पटले के बयान दर्ज कर तहरीर अग्रिम कार्रवाई के लिए संबंधित थाना ग्रामीण नवेगांव भेज दी गई है। पुलिस फरार ट्रक चालक की तलाश में जुटी है।