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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का तीन दिवसीय शीत शिविर आयोजित

स्वयं सेवकों ने शारीरिक दक्षता, संघ घोष का किया प्रदर्शन

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का तीन दिवसीय शीत शिविर आयोजित

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का तीन दिवसीय शीत शिविर आयोजित

बालाघाट. स्वयं सेवकों के जीवन में राष्ट्रीयता, संस्कारों का प्रगटीकरण, संघ कार्य का विस्तार,दृढीकरण के लिए बालाघाट जिला का तीन दिवसीय शीत शिविर और गुणात्मक शारीरिक प्रधान कार्यक्रम स्थानीय शिशु स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण में आयोजित हुआ। समापन अवसर पर स्वयंसेवकों ने शारीरिक दक्षता, शौर्य क्रियाकलाप, स्वर गायन, संघ घोष, संघ प्रार्थना, भारत माता वंदना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता जगदीश प्रसाद, अखिल भारतीय सह शारीरिक शिक्षण प्रमुख अनुराग जायसवाल, विभाग संघचालक रविंद्र श्रीवास्तव और जिला संघचालक वैभव कश्यप बतौर अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम का आभार जिला सह कार्यवाहक विक्रांत साकरे ने किया।
अखिल भारतीय सह शारीरिक शिक्षण प्रमुख जगदीश प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ करता क्या है, इसका काम है शाखा का संचालन, व्यक्तित्व का निर्माण करना, संघ के विभिन्न कार्यक्रमों को चलाना। इससे निर्मित होता है, कार्यकर्ता जो देश के लिए समर्पित होकर कार्य करता रहता है। संघ की स्थापना 1925 में नागपुर के मोहते बाड़े में डॉ केशव राव हेडगेवार ने की थी। जिसके आज 96 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। देश भर में आज संघ की शाखा चलती है। इसमें प्रति दिन 1 घंटा शाखा लगती है। यहां 65 हजार नियमित रूप से रोज शाखाएं जाते हैं। आज 45 हजार स्वयंसेवक बन गए हैं। 105 गांव तक संघ फैला हुआ है। 33 हजार स्वयंसेवक गुरु पूजा पर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि संघ केवल भारत ही नहीं अपितु विश्वव्यापी हो चुका है। संघ का काम विश्व के 42 देशों में नियमित रूप से चल रहा है। और भारत के बाहर अनेक नामों से संघ की गतिविधि चल रही है। कहीं हिंदू महासभा तो कहीं सनातन संघ के नाम से काम चल रहा है। आज तीन लाख कार्यकर्ताओं की शक्ति है, जो बढ़ती ही जा रही है।