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बालाघाट

जांच दल पहुंचते ही गायब हो जाते हैं सरपंच, सचिव

छह माह बाद भी नहीं हो पाया शिकायत का निराकरणहर बार पंचायत पहुंच बैरंग लौट रहे जांच अधिकारीसरपंच और तत्कालीन सचिव नहीं कर रहे जांच में सहयोग, समय पर नहीं हो रहे उपस्थितलालबर्रा जनपद की पांढरवानी पंचायत का मामलाअब उपस्थित नहीं होने पर उचित कार्रवाई की जांच दल ने दी चेतावनी

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बालाघाट/लालबर्रा. जांच दल के पहुंचने पर सरपंच और तत्कालीन सचिव गायब हो जाते हैं। जो पूर्व में जानकारी देने के बावजूद जांच के समय पंचायत में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। कारण यहीं है कि छह माह बीत जाने के बाद भी अनियमितताओं की शिकायत की जांच पूरी नहीं हो पाई है। मामला जिले के लालबर्रा जनपद की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत पांढरवानी का सामने आया है। 23 मार्च को तीसरी बार पुन: जांच करने पहुंचे जिला पंचायत के जांच अधिकारियों की टीम को एक बार फिर बैरंग ही लौटना पड़ा है। जिन्होंने अंतिम चेतावनी दी है। जिनका कहना है कि आगामी दिनों में सरपंच व तत्कालीन सचिव के उपस्थित नहीं होते हैं तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार शिकायत उपसरपंच राकेश अग्रवाल, नीरज पसीने, गणेश मात्रे, संतोष गुप्ता, मुल्लाजी ने पांढरवानी पंचायत में हुए निर्माण कार्यों में धांधली व फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए सितंबर 2022 में जिला प्रशासन को शिकायत की थी। शिकायत कर्ताओं के अनुसार उन्होंने अब तक तीन बार शिकायत कर चुके हैं। लेकिन कोई निराकरण सामने नहीं आ पाया है। हालाकि तीसरी बार शिकायत करने पर जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर जांच दल गठित किया गया। जांच टीम तीन बार पांढरवानी पंचायत पहुंची। लेकिन तीनों बार सरपंच, तत्कालीन सचिव और रोजगार सहायक ने जांच में कोई सहयोग नहीं किया ना ही उपस्थित रहे।
नहीं पहुंचे सरपंच, सचिव
जांच दल में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग 1 के कार्यपालन यंत्री डीके मुडिय़ा, पंचायत प्रकोष्ठ के परियोजना अधिकारी विकास रघुवंशी और सामाजिक अंकेक्षण जिला समन्वयक आरके राय शामिल है। गुरूवार को अधिकारीगण एक बार फिर ग्राम पंचायत भवन जांच करने पहुंचे हैं। लेकिन मौके पर पंचायत भवन बंद पाया गया। अधिकारियों ने विश्राम गृह में शिकायत कर्ताओं की उपस्थिति में पंचायत के निर्माण कार्यों में सामग्री क्रय की जांच की। हालाकि सरपंच व तत्कालीन सचिव के उपस्थित नहीं होने से जांच पूरी नहीं हो सकी।
जारी की चेतावनी
अधिकारियों की टीम ने काफी देर तक विश्राम गृह में सरपंच, तत्कालन सचिव की राह देखी। इसके बाद भी उनके उपस्थित नहीं होने पर अधिकारियों ने श्किायतकर्ताओं के समक्ष चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि अब सरपंच, सचिव जांच में सहयोग नहीं करते हैं, या उपस्थिति दर्ज नहीं करवाते हैं तो वे नियमानुसार उचित कार्रवाई करेंगे।
वर्सन
इसके पहले जांच दल दो बार आया था। हमारी शिकायत सितंबर 2022 में हुई थी, 29 दिसंबर 22 को उस वक्त भी सचिव, सरपंच ने सहयोग नहीं किया। दूसरी बार फिर आए, उस वक्त भी इन्होंने दस्तावेज नहीं दिए। 23 मार्च को जांच दल तीसरी बार आया, तो शिकायत की जांच में सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक ने कोई सहयोग नहीं किया, कोई उपस्थित नहीं रहे। पिछले कार्यकाल में सरपंच की जो मनमानी की थी, खरीदी को लेकर विशेष तौर पर उस पर हमारी कुछ शिकायतें हैं।
नीरज पशीने, शिकायतकर्ता

पांढरवानी में नाली, सीसी रोड, अभिलेखों से संबंधित खरीदी की गई है। रेत, ईंट, गिट्टी, इलेक्ट्रिक का कार्य हुआ है। तीसरी बार जांच पर आए हुए हैं। स्थल निरीक्षण करेंगे और जो तथ्य सामने आएंगे, उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी। जिनके खिलाफ शिकायत की गई है, सूचना देने पर भी उपस्थित नहीं है। शिकायतकर्ता और तकनीकी अमला उपस्थित रहा, अभी जांच जारी है, उनको समय देंगे।
डीके मुडिय़ा, जांच अधिकारी कार्यपालन यंत्री