
सावरदेही कीट ने फसल कर दी बर्बाद, परेशान हो रहे किसान
बालाघाट/मंडई. धान की फसल की कटाई करें या फिर सावरदेही कीट से बर्बाद फसल को समेटे। किसान दुविधा में है। कटाई करने खेत पहुंचने वाले किसानों को धान की बालियां जमीन पर पड़ी मिल रही है। कीट व्याधि के प्रकोप से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। परेशान किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर मुआवजा देने की गुहार लगाई है। मामला जिले के बिरसा क्षेत्र के अलग-अलग गांवों का है। मंडई क्षेत्र का छपला गांव इसका उदाहरण है।
जानकारी के अनुसार छपला गांव में दो दर्जन से अधिक किसानों की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। सावरदेही कीट ने धान की बालियां कुतर दी है। ये धान की बालियां अब जमीन पर गिरी हुई है। किसानों के सामने दुविधा यह है कि वे बालियां समेटे या फिर धान की कटाई करें। इसके अलावा धान की फसल में अन्य बीमारी लगने के कारण भी किसानों को काफी नुकसान ुहुआ है। धान की फसल के बर्बाद होने की यह स्थिति छपला गांव की ही नहीं है। बल्कि समीपस्थ अन्य ग्रामों में भी फसल को काफी नुकसान हुआ है।
इन किसानों की फसल हुई बर्बाद
छपला निवासी किसान लिखनलाल पारधी, साधुलाल मरकाम, दादुमल मरकाम, रमेश लाल टेंभरे, तारन बाई पारधी, कला बाई टेंभरे, गेंदलाल पारधी, मीरा बाई पारधी, जतन बाई टेंभरे, राजेश टेंभरे, फागुलाल ऐड़े, कमल सिंह परते, भागरती मेरावी, पुनऊ सिंह धुर्वे, लोखराम पारधी, देवीलाल पारधी, विष्णु पारधी, बीसराम मरकाम, धनीराम भगत, छत्तर पारधी सहित अन्य किसान शामिल है।
कर्ज जमा करें या फिर आजीविका चलाएं
किसानों के अनुसार उन्होंने खरीफ की फसल के लिए सोसायटियों से कर्जा लिया है। इस बार बेमौसम बारिश और कीट व्याधियों के प्रकोप से किसानों को फसल का उतना उत्पादन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में किसान कर्ज जमा करें या फिर अपनी आजीविका चलाएं।
इनका कहना है
सावरदेही कीट ने धान की बालियां कुतर दी है। जो की अब जमीन पर पड़ी हुई है। जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इन बालियों को समेटने में किसानों को काफी दिक्कतें हो रही है।
-लिखनलाल पारधी, किसान
क्षेत्र में अनेक किसानों की फसल सावरदेही सहित अन्य कीट व्याधियों के कारण बर्बाद हो चुकी है। प्रशासन से मांग है कि शीघ्र ही सर्वे कराकर पीडि़त किसानों को मुआवजा प्रदान करें।
-साधुलाल मरकाम, किसान
किसान काफी मेहनत से फसल का उत्पादन लेता है। लेकिन इस वर्ष किसानों पर दोहरे पर दो आषाढ़ वाली कहावत चरितार्थ हो गई है। फसल के नुकसान होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
-राजेश टेंभरे, किसान
किसान कर्ज लेकर खरीफ की फसल लगाता है। लेकिन इस बार किसानों के सामने कर्ज जमा करने के लायक भी फसल का उत्पादन नहीं हुआ है। प्रशासन को शीघ्र ही सर्वे कर मुआवजा देना चाहिए।
-फागुलाल ऐड़े, किसान
Published on:
08 Nov 2022 11:16 pm
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