
स्व सहायता समूह, एफपीओ भी खरीदेगा धान
बालाघाट. जिले में २९ नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जाएगी। इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां की जार ही है। धान की खरीदी के लिए इस वर्ष जिले में 198 केन्द्र बनाए जा रहे है। इनमें से 17 केन्द्र महिला स्वयं सहायता समूहों के द्वारा और 2 केन्द्र एफपीओ द्वारा संचालित किए जाएंगे। लेकिन विडम्बना यह है कि धान मिसाई और कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। जिसके कारण कृषि कार्य में देरी हो रही है। इधर, अब किसानों ने धान कटाई और मिसाई के लिए मशीनों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। खासतौर पर बड़े व समृद्व किसानों द्वारा मशीन से कार्य कराया जा रहा है, लेकिन जो छोटे और समृद्ध नहीं है ऐसे किसानों के सामने दुविधा की स्थिति बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए प्रशासन द्वारा तैयारी की जा रही है। लेकिन किसानों के सामने दुविधा यह है कि कृषि कार्य के लिए उन्हें मजदूर नहीं मिल रहे हैं। जिसके कारण कृषि कार्य पिछड़ रहा है। इधर, किसानों ने रबी फसल की तैयारी भी शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर मौसम के खराब होने की वजह से भी किसान काफी चिंतित है। आसमान पर छा रही बदली और मजदूरों की कमी ने किसानों को परेशानी में डाल रखा है। विदित हो कि जिले में रोजगार की कमी के चलते अधिकांश ग्रामीण महानगरों की ओर पलायन करने लगे हैं। जिसके चलते जिले में मजदूरों की समस्या होने लगी है।
सप्ताह में पांच दिन होगी खरीदी
29 नवम्बर से पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जाएगी। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की अंतिम तिथि 15 जनवरी रखी गई है। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी सप्ताह में 5 दिन सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 8 से शाम 7 बजे तक की जाएगी और कृषक तौल पर्ची शाम 6 बजे तक जारी की जाएगी। किसानों से धान समर्थन मूल्य 1940 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। शासन के निर्देशों के अनुसार इस बार समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान का भुगतान किसान के उन्हीं बैंक खाते में जमा होगा, जो उनके आधार नंबर से लिंक होगा। जिन किसानों का बैंक खाता उनके आधार नंबर से लिंक नहीं होगा, उनके खाते में धान का भुगतान जमा नहीं होगा।
एफएक्यू मापदंड की धान ही खरीदी जाएगी
पंजीकृत किसानों से एफएक्यू मापदंड की धान ही समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी। इसके लिए शासन ने मापदंड भी तय किए हैं। जिसके अनुसार बिक्री के लिए लाई गई धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होना चाहिए। कार्बनिक-अकार्बनिक पदार्थ 1 प्रतिशत, क्षतिग्रस्त, बदरंग, अंकुरित व घुने दाने 5 प्रतिशत, अपरिपक्व, सिकुड़े, कुम्हलाए दाने 3 प्रतिशत, निम्न श्रेणी का मिश्रित धान 6 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। इधर, शासन ने धान खरीदी के लिए एफएक्यू मापदंड की अनिवार्यता की है, लेकिन मौसम में खराबी के चलते यदि बारिश होती है तो धान की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है।
समूह, एफपीओ भी करेंगे धान की खरीदी
इस वर्ष महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए स्व सहायता समूह द्वारा भी धान की खरीदी की जा रही है। प्रशासन द्वारा समूह के लिए १७ केन्द्र तैयार किए जा रहे हैं। इसी तरह किसानों का संगठन एफपीओ के माध्यम से भी धान की खरीदी की जाएगी। दो केन्द्रों में एफपीओ के माध्यम से खरीदी की जाएगी। समूह और एफपीओ के माध्यम से इस वर्ष पहली बार धान की खरीदी की जा रही है।
Published on:
20 Nov 2021 10:31 pm
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