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स्व-सहायता समूह की महिलाएं कर रहीं जलकर की वसूली

प्रशासन का नवाचार, समूह की महिलाओं को मिल रहा रोजगारप्रदेश के सभी जिलों में भी लागू होगा नवाचार

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बालाघाट. प्रशासन ने जिले में नवाचार किया है। आजीविका मिशन से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाओं को जल कर वसूली की जिम्मेदारी सौंपी है। इस कार्य से न केवल समूह की महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। बल्कि उन्हें अतिरिक्त आय भी हो रही है। जिले के इस नवाचार को अब पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग प्रदेश के सभी जिलों में लागू करेगा। जिले में नवाचार दो वर्ष पूर्व किया गया था। ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं को जल जीवन मिशन की नल.जल योजनाओं में जलकर वसूली की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिले में किया गया यह नवाचार सफल रहा है।
जानकारी के अनुसार दो वर्ष पहले जल जीवन मिशन की ग्राम बम्हनीए पिपरझरीए मंगोलीखुर्द, बटरमारा, टवेझरी, हीरापुर, अमेड़ा, मंझारा, कुम्हारी और जागपुर की नल-जल योजना के जल कर वसूली की जिम्मेदारी आजीविका मिशन से जुड़े स्व-सहायता समूहों को सौंपी गई थी। महिलाओं को प्रत्येक नल कनेक्शन पर प्रति माह 60 रुपए वसूल करने का काम दिया गया था। एक समूह की दो महिलाओं को जल कर की वसूली का काम दिया जा रहा है। यह प्रयोग सफल रहा है। महिलाओं ने जल कर की नियमित रूप से अच्छी वसूली की।
पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय
ग्रामीण विकास विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जिले के प्रवास के दौरान इस नवाचार को देखा। उन्होंने इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया था। उन्होंने नियम बना दिया कि जल कर वसूली का 15 प्रतिशत कमिशन जलकर वसूल करने वाली महिलाओं को दिया जाएगा। ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक ओमप्रकाश बेदुआ ने बताया कि जिले के 405 महिला समूहों ने नल-जल योजनाओं में जलकर की वसूली करने के लिए अपनी सहमति प्रदान की है। इनमें से 189 समूहों ने ग्राम पंचायत से अनुबंध कर जल कर की वसूली प्रारंभ कर दी है। इन समूहों ने चालू वित्तीय वर्ष में 1 अप्रेल से 31 मई 2023 तक 60 लाख रुपए के जल कर की वसूली कर ली है। इससे जल कर की वसूली करने वाली महिलाओं को 9 लाख रुपए का कमिशन मिलेगा। लांजी विकासखंड के ग्राम भानेगांव के कल्याणी समूह की महिलाओं ने सबसे अधिक 4 लाख रुपए के जलकर की वसूली की है। मोहझरी के समूह की महिलाएं भी जलकर की वसूली में अग्रणी रहने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन मई माह में भानेगांव के समूह ने उन्हें पीछे कर दिया।
सफल रहा प्रयोग
नवाचार को दो वर्ष पूर्व शुरू किया गया था। प्रयोग पूरी तरह से सफल रहा। अब इस नवाचार को प्रदेश के सभी जिलों में भी लागू किया जाएगा। 405 महिला स्व-सहायता समूह ने जल कर वसूली के लिए सहमति दी है। 189 समूहों ने ग्राम पंचायतों से अनुबंध कर कार्य प्रारंभ कर दिया है।
-ओमप्रकाश बेदुआ, जिला परियोजना प्रबंधक, ग्रामीण आजीविका मिशन बालाघाट