बालाघाट/उकवा. यदि आप भी बालाघाट से बैहर पहुंच मार्ग में सफर कर रहे हैं, तो सावधान। सडक़ से नजर हटते ही आप गंभीर दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। दरअसल बालाघाट से बैहर पहुंच 67 किमी मार्ग में लौगुर से परसाटोला तक करीब 28 किमी. की दूरी में सडक़ में बड़े-बड़े गढ्डे बन गए हैं। ये गढ्डे दुर्घटनाओं के कारण बन रहे हैं। पिछले दो माह में ही करीब दो दर्जन से अधिक हादसे इस सडक़ में घटित हो चुके हैं। गनीमत है कि किसी को जान माल की नुकसानी नहीं हुई है। लेकिन यहां के जागरूक जनों की माने तो यदि शीघ्र ही इन गढ्डों को नहीं भरा गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
बता दें कि बालाघाट से बैहर प्रमुख मार्ग है, जो कि मप्र व छत्तीसगढ़ राज्य को जोड़ता है। देश के प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क जाने भी इसी मार्ग का उपयोग किया जाता है। ताम्र परियोजना, मैग्नीज की खदानें सहित वन संपदाओं के परिवहन करने इसी मार्ग का उपयोग होता हे7 ऐसे में 24 घंटे मार्ग से छोटे दोपहिया वाहनों से लेकर दो दर्जन से अधिक यात्री बसें, भारी दस चका वाहन और बड़ी मशीनों आवागमन किया करती हैं।