
दरगाह में पेश की गईं चादर
बालाघाट. हर साल की तरह इस साल भी सैय्यद अलहाज अब्दुल हकीम उर्फ हक्कू शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह चिश्ती का सालाना उर्स पूर्ण अकीदतो और विधि विधान के साथ मनाया जा रहा है। उर्स कमेटी द्वारा मेन रोड स्थित आस्ताना ए औलिया दरबार को दुल्हन की तरह सजाकर रोजाना विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन किए जा रहे हैं। 20 जुलाई की रात कव्वाली व कुल शरीफ की फातिहा के बाद उर्स मुबारक का समापन किया जाएगा।
इसी कड़ी में बुधवार को अमनो अमान के पैगाम के साथ दरगाह शरीफ से शाही संदल निकला गया, जो काली पुतली चौक से बस स्टैंड, रानी अवंती बाई चौक, बैहर रोड रजा नगर, वार्ड नंबर 10 इमामबाड़ा पहुंचा। यहां से अलम और चादर के साथ शाही संदल अंजुमन शादी हॉल से बैहर चौकी, वहां से देवी तालाब रोड सहित नगर के विभिन्न मार्गों का गस्त करता हुआ वापस मेन रोड से दरबार शरीफ पहुंचा। जहां बाबा को अलम व चादर पेश की गईं। उपस्थितजनों ने बाबा के असताने में अकीदतों के फूल चादर पेश कर देश में अमन चैन शांति, आपसी भाईचारे की मन्नते मांगी।
संदल में पेश किया अखाड़े के हुनर
12 से 20 जुलाई तक चलने वाले इस सालाना उर्स मुबारक की शुरुवात 12 जुलाई की सुबह मजार शरीफ का गुसल व परचम कुशाई के साथ की गई थी। 14 जुलाई को हजरत इमाम हुसैन रजी के मुबारक का दीदार कराया गया। 16 को कुरान खानी व मिलाद शरीफ का आयोजन हुआ, वही 17 जुलाई की सुबह यादे हुसैना मनाया गया। दोपहर में उर्स मुबारक पर शाही संदल नगर का गस्त करता हुआ दरगाह शरीफ पहुंचा, अमनो आमान की सामुहिक दुवाओं के अलावा विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन कराए गए। युवा वर्ग संदल के सामने अखाड़े का हुनर पेश करते हुए नजर आए।
लंगर ए आम का आयोजन आज
18 जुलाई गुरुवार की शाम को फूलों का नजराना पेश कर दरगाह शरीफ में चादर चढ़ाई जाएगी। शाम को लंगर ए आम का आयोजन होगा। अंतिम दिन 20 जुलाई ईशा की नमाज के बाद उर्स ए मुबारक पर अजीमो शान कव्वाली का आयोजन होगा। जिसमें मशहूर कव्वाल बिजनौर निवासी रईस अनीस साबरी बाबा की शान में कव्वाली के नजराने पेश करेंगे।
Published on:
18 Jul 2024 03:48 pm
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