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खाट पर सुलाकर मरीज को कराया नदी पार

मानकुंवर नदी में एक वर्ष से पुल है क्षतिग्रस्तडायवर्जन पुल भी बारिश में बह गयाबालाघाट-नैनपुर का टूटा हुआ है सडक़ सम्पर्क

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बालाघाट. खाट पर मरीज को सुलाकर नदी पार करवाया गया। यह दृश्य बालाघाट-नैनपुर मार्ग पर मानकुंवर नदी में देखने को मिला। दरअसल, मानकुंवर नदी पर बना पुल एक वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त हो गया था। डायवर्जन मार्ग तीन बाद बारिश के पानी में बह गया। इस मार्ग पर बालाघाट से नैनपुर के बीच का सडक़ सम्पर्क टूटा हुआ है। मानकुंवर नदी के उस पार बसे डेढ़ दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीण बारिश के दिन में मुसीबत काट रहे हैं।
जानकारी के अनुसार 8 दिन पूर्व घंघरिया निवासी राजू सोनवाने सडक़ दुर्घटना में घायल हो गया था। जिसे उपचार के लिए बालाघाट के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मरीज को एंबुलेंस से ग्राम घंघरिया पहुंचाया जा रहा था। एंबुलेंस मानकुंवर नदी तक पहुंची, लेकिन पुल क्षतिग्रस्त होने से वाहन नदी के उस पार नहीं जा पाया। एंबुलेंस को लामता वाले साइड पर ही रोकना पड़ा। राजू के परिजन घर से खाट लेकर आए। मरीज को लेटाया और उसे चार से पांच लोगों ने करीब 200 मीटर दूर नदी पार कराकर घर ले गए। गनीमत है कि अभी नदी में पानी कम है। यदि पानी का बहाव तेज रहता तो मरीज की जान पर बन आती।
वर्ष 2022 में पुल हुआ क्षतिग्रस्त
बालाघाट-नैनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 543 पर मानकुंवर नदी का पुल वर्ष 2022 में क्षतिग्रस्त हुआ था। तब से लेकर आज तक पुल नहीं बन पाया है। प्रशासन ने आवागमन के लिए डायवर्जन पुल बनाया था। लेकिन यह पुल भी बारिश के पानी में बह गया। अब तक तीन बार डायवर्जन पुल भी बह गया है। जिसके कारण इस मार्ग का सडक़ सम्पर्क टूटा हुआ है। नदी में पानी कम होने पर राहगीर, वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन करते हैं।