
गांव में नहीं कोई मैदान, स्कूल मैदान में भी लगा ताला
बालाघाट/खैरलांजी। गांव में अन्यत्र कोई खेल मैदान नहीं है, एक मात्र स्कूल व पंचायत मैदान है, लेकिन उसमें भी सरपंच ताला लगवा देते हैं। बच्चे खेल अभ्यास नहीं करेंगे तो गांव में छिपी खेल प्रतिभाएं कैसे उभरकर सामने आएंगी। वहीं ताला लगने से ग्रामीण भी सुबह शाम टहलने परेशान होते हैं। यह कहना खैरलांजी जनपद की ग्राम पंचायत खरखड़ी के युवा और खिलाडिय़ों का है।
ग्राम के जागरूक युवा संजय करकाड़े और अविनाश बोरकर ने बताया कि खरखड़ी पंचायत भवन प्रांगण और प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल का संयुक्त परिसर है। जिसमें वर्षों पूर्व से ही ग्राम के बच्चे खेलते हैं और ठंड के दिनों में नागरिक सुबह, शाम टहलने पहुंचते हैं। लेकिन वर्तमान सरपंच पंचायत भवन बंद होने पर गेट में ताला लगा देते हैं। इस कारण गांव के बच्चों और खिलाडिय़ों को खेलने कूदने और ग्रामीण टहलने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। युवाओं ने जनपद सीईओ और अध्यक्ष प्रतिनिधि को लिखित आवेदन कर उक्त परिसर पर ताला ना लगाए जाने की मांग की है।
सरपंच प्रतिनिधि से की चर्चा
युवाओं ने बताया की मामले को लेकर उन्होंने सरपंच प्रतिनिधि नरेंद्र राहंगडाले से चर्चा की। उन्होंने कहा की पंचायत भवन बंद होने के बाद गेट पर ताला लगा ही रहेगा। अगर ताला खुलवाना है, तो इसकी जिम्मेदारी तुम लोगों को लेनी पड़ेगी कि यहां कोई नुकसानी नहीं होगा। इस बयान के बाद युवाओं में आक्रोश व्याप्त है। युवाओं का कहना है कि उक्त परिसर के गेट में कभी ताला नहीं लगाया गया। बच्चे हमेशा से वहां खेलते रहे हैं। लेकिन अचानक से ताला लगाना शुरू करने से समस्या उत्पन्न हो रही है।
युवाओं ने दिया तर्क
ग्राम के युवाओं का कहना है कि उक्त परिसर ग्राम पंचायत और दो स्कूलों का संयुक्त परिसर है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों का ताला लगा देना कतई सही बात नहीं है। युवाओं का मानना है कि पंचायत भवन में बाउंड्रीवॉल नहीं है। ऐसे उपद्रवी तत्व यदि किसी अप्रिय घटना को अंजाम देते हैं। इसकी जिम्मेदारी वे कैसे ले सकते हैं। सभी युवाओं ने परिसर मैदान में ताला नहीं लगाए जाने की मांग की है।
मांग करने वाले युवाओं में अर्पित तुरकर, जगदीश पटले, विशाल पटले, कामेश तुरकर, सोनू तुरकर, विशाल चौधरी, अमित बिसेन, विशाल ठाकरे, विजय तुरकर, राजेश तुरकर, मनोज धार्मिक सहित अन्य युवा शामिल रहे हैं।
वर्सन
उक्त परिसर के गेट को कभी ताला नहीं लगाया गया। लेकिन अब ताला लगाने से खिलाडिय़ों और ग्रामीणों को परेशानियां हो रही है। अगर युवाओं की मांग जल्द पूरी नहीं की गई, मजबूरन धरने पर बैठेंगे। इसकी जवाबदारी संबंधित प्रशासन की होगी।
संजय करकाड़े, ग्रामीण
ग्राम खरखड़ी के कुछ युवा साथी ज्ञापन सौंपने आए थे। जिन्होंने हमसे चर्चा कर ताला नहीं लगाने की मांग की। लेकिन पंचायत भवन की सुरक्षा भी जरूरी है। हालाकि व्यवस्था बनाई जा रही है।
गुनाराम बघेले, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि
Published on:
27 Nov 2022 09:56 pm
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