
भागवत कथा में हजारों भक्तों ने श्री कृष्णा के साथ खेली पुष्पों की होली
बालाघाट/वारासिवनी. अष्टोत्तरशत मूलपाठ श्रीमद् भागवत कथा रसोत्सव का वृंदावन के भागवताचार्य श्रीहित ललित वल्लभ नागार्च ने विधि विधान से विश्राम कराया। सात दिवस की भागवत कथा में विधायक प्रदीप जायसवाल यजमान के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने हजारों श्रीकृष्ण भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि भागवत कथा ही सबसे बड़ी योग है, जो मानव शरीर को आत्मा व परमात्मा से जोड़ती है। कार्यक्रम में पुरे विस क्षेत्र की ओर से उन्होंने भागवताचार्य का शाल, श्रीफल व अन्य सामग्रियों से सम्मानित किया। आयोजन के आखिर दिन भक्तों ने श्रीकृष्णा के साथ पुष्पों की होली खेली। इस दौरान श्रीकृष्ण की जीवंत झांकी भी पेश की गई। हवन पूजन और महाप्रसादी वितरण के साथ कथा का समापन किया गया।
सात दिवस की भागवत कथा में भक्तों ने धर्म लाभ लेकर लिया। प्रतिदिन धर्म लाभ के साथ राष्ट्रवाद, धर्मातंरण का विरोध, प्रकृति प्रेम जैसे विषयों पर विचारो को ग्रहण किया।
वृंदावन में होने का एहसास
विधायक जायसवाल ने कहा कि भागवताचार्य की मधुरता व विद्वता ने सभी को वारासिवनी की जगह वृंदावन में होने का एहसास कराया है। आज हम सभी को समझ में आया की मोबाइल से ज्यादा उसकी सिम अर्थात शरीर से ज्यादा महत्तवपूर्ण हमारी आत्मा होती है और वह भक्ति मार्ग पर चलकर पावन हो जाती है। हमने सात दिनों में अपनी आत्मा को परमात्मा से जोड़े रखा है। आगे भी हमें यह सफर प्रारंभ रखना है। यह धार्मिक कार्यक्रम जिले नहीं अपितू प्रदेश में सबसे आगे रहेगा यह तय है।
Published on:
20 Nov 2022 07:47 pm
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