
वारासिवनी विधानसभा सीट से मुकाबला दिलचस्प रहा। यहां कांग्रेस प्रत्याशी विवेक विक्की पटेल चुनाव जीत गए। विक्की ने भाजपा के प्रदीप जैसवाल को हरा दिया। तीसरे नंबर पर अजब शास्त्री रहे। विक्की पटेल को 79 हजार 597 वोट मिले। जबकि प्रदीप जैसवाल को 78 हजार 594 वोट मिले। हार-जीत का अंतर 1003 रहा। 17 नवंबर शुक्रवार को वारासिवनी विधानसभा सीट पर 85.33 प्रतिशत मतदान हुआ।
साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साले (पत्नी के भाई) संजय मसानी को टिकट दिया था। इससे नाराज प्रदीप जायसवाल ने कांग्रेस से बगावत कर दी और निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ा। प्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार बनी और कांग्रेस को समर्थन के साथ ही खनिज मंत्री बने। लेकिन महज 15 महीने में ही सरकार गिर गई और बीजेपी की शिवराज सरकार बनते ही उन्हें समर्थन दिया और खनिज आयोग अध्यक्ष बनाए गए।
कितने वोटर
2018 के चुनाव की बात करें तो, यहां पर पिछला चुनाव बेहद दिलचस्प रहा था। चुनाव मैदान में कुल 13 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला था। लेकिन मुख्य मुकाबला निर्दलीय प्रत्याशी प्रदीप अमृतलाल जायसवाल और बीजेपी के डॉक्टर योगेंद्र निर्मल के बीच हुआ था। प्रदीप को 57,783 वोट मिले जबकि डॉक्टर निर्मल के खाते में 53,921 वोट आए थे। तीसरे स्थान पर बहुजन समाज पार्टी के अजय रहे जिन्हें 21,394 वोट मिले। कांग्रेस चौथे स्थान पर रही थी। यहां कुल 1,99,983 वोटरों में पुरुष वोटर 99,599, महिला वोटर 1,00,384 हैं। यहां पर महिला वोटर्स की संख्या पुरुषों से ज्यादा है। निर्दलीय प्रदीप जायसवाल ने महज 3,862 वोटों के अंतर से डॉक्टर योगेंद्र निर्मल को हराया था। निर्दलीय विधायक ने 2018 के चुनाव के बाद कांग्रेस सरकार को समर्थन दिया और वह खुद खनिज मंत्री भी बने। हालांकि 15 महीने बाद सरकार गिरते ही बीजेपी सरकार का समर्थन किया तो खनिज आयोग के अध्यक्ष बना दिए गए।
राजनीतिक इतिहास
बालाघाट जिले की महाराष्ट्र राज्य की सीमा को छूने वाली मध्य प्रदेश विधानसभा सीट 112 वारासिवनी-खैरलांजी पिछले चुनाव से प्रदेश में सुर्खियों में रही थी। प्रदीप जायसवाल साल 1998, 2003 और 2008 में लगातार तीन बार से कांग्रेस के विधायक रहे थे। हालांकि चौथी बार साल 2013 में बीजेपी के डॉ. योगेंद्र निर्मल से चुनाव हार गए। इस जीत के साथ ही डॉक्टर निर्मल ने वारासिवनी के इतिहास में पहली बार बीजेपी के लिए जीत का खाता खोला। वारासिवनी विधानसभा सीट पर 1957 से 2018 के मध्य संपन्न हुए चुनाव में 7 बार कांग्रेस, 3 बार जनता पार्टी, 2 बार जनता दल, निर्दलीय 2 बार और बीजेपी एक बार जीत चुकी है।
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Updated on:
04 Dec 2023 12:21 pm
Published on:
07 Nov 2023 02:02 pm
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