
बलिया जनपद के रसड़ा क्षेत्र अंतर्गत जकरिया गांव निवासी पार्थ कुमार तिवारी ने एनडीए (यूपीएससी) परीक्षा में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। बुधवार रात घोषित परिणाम में उनका नाम शीर्ष पर आने के बाद परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। पार्थ ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है।
पार्थ के पिता नाथ शरण तिवारी ने बताया कि वे कर्नाटक के कोडगु जिले स्थित सैनिक स्कूल में हिंदी विषय के शिक्षक थे और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वर्ष 2007 में वे अपनी पत्नी किरण देवी के साथ कर्नाटक चले गए थे, जहां 2009 में पार्थ का जन्म हुआ। उनकी शुरुआती पढ़ाई भी वहीं ज्ञान गंगा स्कूल से हुई। कक्षा 6 में उनका चयन देहरादून स्थित राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज में हो गया। वर्तमान में वह 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं और इसी वर्ष मई में परीक्षा देंगे।
पार्थ ने बताया कि वर्ष 2025 में उन्होंने अपने पिता के सुझाव पर एनडीए के लिए आवेदन किया था। 14 सितंबर 2025 को देहरादून में आयोजित लिखित परीक्षा में वह सफल रहे, जिसका परिणाम अक्टूबर में घोषित हुआ। इसके बाद जनवरी में बेंगलुरु में उनका इंटरव्यू हुआ और उन्होंने मेडिकल परीक्षा भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर ली।
पार्थ के पिता का कहना है कि सैन्य विद्यालय के माहौल का उनके बेटे पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा, जिससे वह यह उपलब्धि हासिल कर सका। वर्तमान में वे मैसूर के एक इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ा रहे हैं।
गांव जकरिया में पार्थ के बड़े पिता चंद्रभूषण तिवारी और उनका परिवार भी इस उपलब्धि से बेहद खुश है। चंद्रभूषण स्थानीय स्तर पर टेंट हाउस का व्यवसाय करते हैं। पार्थ अपने परिवार में दो बहनों के बीच इकलौते भाई हैं। उनकी छोटी बहन नवेदिता तिवारी दिल्ली में अधिवक्ता हैं और न्यायिक सेवा की तैयारी कर रही हैं, जबकि बड़ी बहन संध्या तिवारी बेंगलुरु में टाटा कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं।
Published on:
10 Apr 2026 08:18 am
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