
बीजेपी के रंग में रंगा विद्यालय
बलिया. आचार संहिता के बावजूद यूपी के बलिया में एक प्राथमिक विद्यालय बीजेपी के झंडे के रंग में रंगा नजर आ रहा है। बड़ी बात यह की विद्यालय में लोकसभा चुनाव के लिये वोट भी डाले जाएंगे। प्रिंसिपल ने भी इसकी पुष्टि किया की वहां पोलिंग बूथ बनता है। इस मामले में प्रिंसिपल की सफाई भी हैरान करने वाली है। उनका कहना है कि मजदूरों ने गलत रंग ला दिया और डिब्बा खुल गया था इसलिये उसी रंग से पेंट करा दिया। यह पूछने पर कि ये किसी पार्टी के झंडे का रंग है तो उन्होंने जवाब भाजपा का नाम लिया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसमें एक रंग तो भारतीय झंडे का भी शामिल है।
मामला बलिया जिले के हनुमानगंज धरहरा स्थित प्राथमिक विद्यालय का है। बताया गया है कि विद्यालय को कुछ समय पहले पेंट कराया गया। इस बार पुराने रंग में न रंगाकर विद्यालय को भारतीय जनता पार्टी के झंडे वाले केसरिया और हरे रंग में रंगवा दिया गया। इसके बाद लोकसभा चुनावों की रणभेरी बजी और चुनाव आयोग के इलेक्शन की तिथियों का किया, जिसके बाद देश में आचार संहिता लागू हो गयी। इसके बाद रातों रात हर जगह से सियासी पार्टियों और नेताओं के बैनर-पोस्टर हटा दिये गए। सरकारी विज्ञापन या तो हटा दिये गए या फिर ढक दिये गए।
बावजूद आचार संहिता लगने के भाजपा के झंडे के रंग में रंगा हनुमानगंज धरहरा प्राथमिक विद्यालय जस का तस है। बड़ी बात यह कि खुद प्रिंसिपल भी यह बात जानती हैं और बताया भी कि विद्यालय में पोलिंग बूथ बनाए जाते हैं। इतने के बावजूद वहां का रंग न बदलवाने को विपक्षी पार्टियां आचार संहिता का उल्लंघन बता रही हैं। कम्युनिस्ट पार्टी ने इसके खिलाफ जिला निर्वाचन कार्यालय में शिकायत भी की है। गांव के लोगों का भी कहना है कि इससे बीजेपी का प्रचार हो रहा है और चुनाव में इसका गलत असर पड़ेगा। गांव के अवधेश ने बताया कि बच्चे भी गांव में जाकर कह रहे हैं कि उनका विद्यालय भाजपा के रंग में रंग गया है।
उधर स्कूल के इस रंग में रंगे जाने को लेकर जब प्रिंसिपल पुष्पा यादव से सवाल किया गया तो उनका जवाब हैरानी भरा था। उन्होंने कहा कि मजदूर गलत रंग का डिब्बा ले आए और डिब्बा खुल जाने के बाद उसी रंग में पेंट कर दिया। स्वीकार किया कि उन्हें पता है की ये भाजपा के झंडे के रंग हैं। हालांकि आचार संहिता लागू होने के बाद भी स्कूल अब तक सियासी रंग में क्यों रंगा हुआ है इस सवाल का जवाब जब डीएम से जानना चाहा गया तो उन्होंने बताया कि स्कूल को किस रंग से रंगा जाए इसके लिये कोई शासनादेश नहीं है। हां ये प्रकाश में आया है की विद्यालय रंगने में किसी पार्टी विशेष के रंगों का प्रयोग गलती से हो गाय है। बीएसए से वार्ता कर ली गयी है और इसे दूसरे रंग में रंगवा दिया जाएगा।
By Amit Kumar
Published on:
20 Mar 2019 08:03 pm
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