
रागिनी हत्याकांड
बलिया. आठ अगस्त को बजहां गांव में रागिनी हत्याकांड में आरोपी ग्राम प्रधान की पत्नी अपनी बेटी के साथ सीएम आवास पर आत्मदाह के लिए निकल पड़ी। जिसे पुलिस ने रोक लिया। रोके जाने पर आरोपी ग्राम प्रधान कृपाशंकर तिवारी की पत्नी निशा तिवारी की पुलिस से नोंक झोक भी हो गई। आरोपी प्रधान की पत्नी का कहना है कि पुलिस और प्रशासन सिर्फ एक पक्ष की ही बात सुन रही है। ऐसे में वो आत्मदाह करने के लिए मज़बूर है।
बतादें कि रागिनी हत्याकाण्ड में आरोपी ग्राम प्रधान की पत्नी निशा तिवारी ने 13 सितम्बर को जिलाधिकारी को पत्रक देकर न्याय की गुहार लगाई थी। कहा था कि अगर 1 अक्टूबर तक अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो सीएम आवास पर अपनी बेटी के साथ आत्मदाह करूंगी। उनका कहना है कि उनके पति और बेटे को फंसाया गया है।
पत्रक में पत्नी निशा तिवारी ने कहा कि रागिनी की हत्या से वह भी दुखी हैं, लेकिन गांव में पार्टीबंदी के चलते उसके पुत्र प्रिंस, पति कृपाशंकर व अन्य परिजनों को आरोपी बना दिया गया है। हत्या की ईमानदारी से जांच हुई तो सच्चाई सामने आ जाएगी। उसने बताया कि हत्याकांड के बाद बिना कुछ जांच पड़ताल किए ही उसके परिजनों को बर्बरतापूर्ण कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया।
आठ अगस्त को हुई थी रागिनी की हत्या
बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र निवासी रागिनी (17) इसी साल मई में 11वीं पास कर इंटर में आई थी। स्कूल आते-जाते गांव प्रधान के लड़के उस पर कमेंट पास करते थे। उसे देखकर सीटी बजाते तो कभी गाने गाते।
इन सब बातों से तंग आकर उसने मई के बाद स्कूल जाना ही बंद कर दिया। वो पड़ोसी गांव सलेमपुर के संस्कार भारती स्कूल की स्टूडेंट थी। रागिनी 8 अगस्त मंगलवार सुबह 8 बजे स्कूल जाने के लिए अपनी छोटी बहन के साथ निकली। रास्ते में बाइक से आए प्रधान के लड़के ने उसका रास्ता रोका और उसे धक्का मारकर नीचे गिरा दिया। वो वहीं नहीं रुका। उसने जेब में रखा चाकू निकाला और उससे रागिनी का गला रेत दिया। फिर उसकी बॉडी को चाकू से गोद कर अपने साथियों संग फरार हो गया।
Published on:
03 Oct 2017 02:03 pm
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