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डाॅक्टर करते हैं आराम, स्वीपर करता है आॅपरेशन

यूपी के इस अस्पताल की बदहाल स्थिति, जहां स्वीपर की चलती है डाॅक्टरगिरी

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Sarweshwari Mishra

Aug 13, 2016

pharmacist

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बलिया. डॉक्टर भगवान का माना जाता है लेकिन बिना डिग्री के जब स्वीपर ही डाॅक्टर बन जाए तो भला मरीजों का क्या हाल होगा। ऐसी ही हालत है यूपी के नगरा स्थित सरकारी अस्पताल की। जहां मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां मरीजों का मरहम पट्टी और इलाज ऐसा व्यक्ति करता है जो एक चैकीदार और स्वीपर है।



यह ऐसा चैकीदार है जो अस्पताल में डाॅक्टरों के कहने पर मरीजों का इलाज करता है। यह लछन नाम का स्वीपर और चैकीदार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि स्टाफ के कहने पर वह मरीजों का इलाज करता है। जिसके बदले मरीज के परिजन उसे मेहनताना के तौर पर कुछ पैसे दे देते हैं।

lachhan Sweeper

इस जिला अस्पताल की हालत इतनी बदहाल है कि यहां के डाॅक्टर मरीजों को देखने तक नहीं जाते हैं। न ही इस अस्पताल में कोई स्टाफ है और न ही मरीजों पर निगाह रखने वाले चिकित्सक। यहां के जो भी चिकित्सक हैं वे सिर्फ ड्यूटी के नाम पर आॅफिस में कुर्सी तोड़ते हैं।


विडियों में आपको देखते मिलेगा लछन स्वीपर जो निश्चिंतता पूर्व मरीजों का इलाज करने में जुटा है। मजे की बात तो यह है कि इसकी जानकारी मिडिया को मिलने पर जब पत्रिका के संवाददाता ने इसकी जांच-पड़ताल करने नगरा के इस सरकारी अस्पताल में पहुंची तो लछन चौकीदार संवाददाता का भी मरहम पट्टी करने पहुंच गया। उसे सिर्फ एक ही ही धुन है मरीजों की मरहम पट्टी।


इस घटना के सम्बन्ध में जब मुख्य चिकित्साधिकारी डा.पी.के. सिंह से बात की गई तो कार्रवाई की बात करते नजर आये। उनका कहना है कि इस तरह मरीजो के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ निश्चित रूप से बलिया स्वास्थ्य विभाग को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है।

Lachhan Sweeper
मीडिया के सवाल करने पर चौकीदार ने स्वीकार किया कि अभी तक वह न जाने कितने ऑपरेशन कर चुके हैं। हाईड्रोशिल का आॅपरेशन कर चुका हैं। उसका कहना है कि ऐसा माहौल जाड़े के दिनों में अधिकतर देखने को मिल जाती है।


जब उस अस्पताल के फार्मासिस्ट से ये बात पूछी गई तो वह जवाब देने से कतराने लगा। सच्चाई तो यह थी कि वहां पूरे दिन कितने मरीज आते हैं वहां इसका कोई आंकड़ा ही नहीं था।

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