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Ballia News: घाघरा नदी के जल स्तर में घट-बढ़ जारी, तटीय इलाके के लोग सहमे

घाघरा नदी के जलस्तर में घटाव और बढ़ाव का क्रम लगातार जारी है 1 दिन पहले नदी जो तेजी के साथ बढ़ रही थी अब उसका जलस्तर घटने लगा है। जिसके चलते तटीय इलाकों के बस इंदु में दहशत बना हुआ है। लोगों का कहना है कि नदी का जलस्तर क्यों बढ़ जाए और कब घट जाए इसका कोई नियम नहीं है। जल स्तर बढ़ेगा तो बाढ़ आ जाएगी और जब जलस्तर घट रहा है तो नदी तेजी के साथ कटान कर रही है।

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मऊ के दोहरीघाट में घाघरा नदी का जलस्तर

Ballia News: घाघरा नदी के जलस्तर में घटाव और बढ़ाव का क्रम लगातार जारी है 1 दिन पहले नदी जो तेजी के साथ बढ़ रही थी अब उसका जलस्तर घटने लगा है। जिसके चलते तटीय इलाकों के बस इंदु में दहशत बना हुआ है। लोगों का कहना है कि नदी का जलस्तर क्यों बढ़ जाए और कब घट जाए इसका कोई नियम नहीं है। जल स्तर बढ़ेगा तो बाढ़ आ जाएगी और जब जलस्तर घट रहा है तो नदी तेजी के साथ कटान कर रही है। आजमगढ़ मऊ बलिया तीनों जिले में घाघरा नदी तटीय इलाके के सैकड़ों बीघे खेत को अपने में समाहित कर ली है तो पुनः कटान तेज कर दी है। ऐसे में आजमगढ़ के सगड़ी तहसील मऊ के मधुबन और बलिया के बैरिया तहसील क्षेत्र में नदी का कटान जारी है।

बलिया में सरयू का घट रहा जलस्तर

पिछले 24 घंटे से सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी है। जलस्तर में वृद्धि से तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोग बाढ़ की आशंका को लेकर सहम गए हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार की शाम जलस्तर 63.37 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान 64.01 मीटर से 64 सेंटीमीटर नीचे है।

केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार शनिवार की शाम से जलस्तर में वृद्धि का क्रम शुरू हो गया, जो रविवार को पूरे दिन जारी रहने के बाद नदी का जलस्तर स्थिर हो गया। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में कमी होने का पूर्वानुमान किया है। नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला बना हुआ है। हालांकि नदी का पानी अभी खतरे के निशान से 64 सेंटीमीटर कम है, फिर भी नदी की प्रकृति में बदलाव को लेकर तटवर्ती वाशिंदे भयभीत हैं।
उधर, कुछ तटवर्ती क्षेत्रों में कटान हो रहा है। हाहानाला, चैनपुर गुलौरा क्षेत्र में बने कटानरोधी स्परों के बावजूद कटान का सिलसिला जारी है। कृषि योग्य भूमि कट-कट कर नदी की जलधारा में विलीन हो रही है। पिछले एक दशक के दौरान हजारों एकड़ भूमि नदी की जलधारा में समाहित हो चुकी है। जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी रहा तो बाढ़ की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

आजमगढ़ में घाघरा नदी में घट-बढ़ जारी

जिले के सगड़ी तहसील क्षेत्र में जैसे-जैसे घाघरा का जलस्तर घट-बढ़ रहा वैसे-वैसे देवारावासियों की धड़कने भी तेज होती जा रही हैं। जलस्तर घटने के कारण कटान तेज हो गई है। जिससे किसान चिंतित हैं। एक सप्ताह के अंदर सैकड़ों एकड़ भूमि कटकर घाघरा में समाहित हो गई। रविवार को बांका ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान हीरालाल यादव ने बताया कि गांव का संपर्क मार्ग महुला गढ़वल बांध से टूट गया है। एक पुलिया थी जो पिछली बाढ़ में घाघरा की तेज धारा में बह गए। कई बार इसको बनाने के लिए कहा गया पर विभागीय लापरवाही के चलते नहीं बन सका नहीं तो ग्रामीणों को इतनी दुर्दशा नहीं उठानी पड़ती। घाघरा नदी का जलस्तर प्रति घंटा लगभग एक सेंटीमीटर घटाव पर है। घाघरा नदी बदरहुआ नाले पर 22 जुलाई 23 शनिवार की शाम चार बजे 70.76 मीटर पर बह रही थी। रविवार को 26 सेंटीमीटर घटकर 70.50 पर बह रही है। बदरहुआ नाले का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर है, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। डिघिया नाला का जलस्तर शनिवार को शाम चार बजे 70.03 मीटर था जो रविवार को 23 सेमी घट कर 69.80 हो गई। न्यूनतम जलस्तर 68.90, खतरा बिंदु 70.40 और अधिकतम 72.59 मीटर है।