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34 प्लेसमेंट कर्मचारियों की 5 लाख की भविष्यनिधि अधर में

नगर पंचायत गुंडरदेही में ठेके की शर्त का दो ठेकेदारों ने उल्लंघन किया है। 2015 से 2017 तक की राशि कर्मचारियों के खातों में जमा ही नहीं कराई गई है। परेशान कर्मचारियों ने गड़बड़ी की शिकायत श्रम विभाग से की है।

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34 प्लेसमेंट कर्मचारियों की 5 लाख की भविष्यनिधि अधर में

बालोद (गुंडरदेही). नगर पंचायत में 34 प्लेसमेंट कर्मचारियों की भविष्यनिधि दो साल का 2015 से 2017 तक उनके खतों में जमा नहीं पाया है। ऐेसे में कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं, वहीं नगर पंचायत के अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मामले में नोटिस का जवाब भी संबंधित ठेकेदार ने अब तक नहीं दिया है।

टेंडर में स्पष्ट है कि इपीएफ की राशि ठेकेदार जमा करेगा
जानकारी अनुसार प्लेसमेंट कर्मचारियों की इपीएफ का जब टेंडर हुआ था उसमें साफ शब्दों में लिखा गया है कि उनकी भविष्यनिधि इपीएफ के रूप में ठेकेदार के माध्यम से उनके खाते में जमा कराने की शर्त पर टेंडर प्राप्त हुआ था, लेकिन ठेकेदार विकास राठी और सतीश महोबिया मिलकर 34 प्लेसमेंट कर्मचारियों की भविष्यनिधि अभी तक लगभग 5 लाख रुपए उनके खाते में जमा नहीं करवाए हैं। मामले में राशि नहीं मिलने की जानकारी कर्मचारी संघ द्वारा रायपुर श्रम आयुक्त को भी पत्र लिखकर दी है। आज की स्थिति में कर्मचारियों के खाते में यदि पैसा जमा होता तो लागभग वह 5 लाख रुपए का 20 लाख रुपए के आसपास ब्यॉज व पेनाल्टी के रूप में प्लेसमेंट कर्मचारियों को भुगतान करना होगा।

जवाब के लिए 7 दिन दिए, पर 9 महीने बाद भी ठेकेदार चुप
मामले में तत्कालीन सीएमओ प्रमोद कुमार मिश्रा व तत्कालीन इंजीनियर रुद्रकांत यादव, लेखपाल सोम कुमार देशमुख, प्लेसमेंट कर्मचारियों के ठेकेदार सतीश महोबिया व विकास राठी की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। मामले में तत्कालीन इंजीनियर शशिकांत वर्मा ने 25 जनवरी 2017 को प्लेसमेंट ठेकेदार विकास राठी को नोटिस भी भेजा गया था, परंतु 7 दिन के बजाय 9 महीना बीत जाने के बाद भी उसका जवाब नगर पंचायत को नहीं मिला।

अब आंदोलन के मूड में कर्मचारी
जानकारी अनुसार इस बड़ी गड़बड़ी को देखते हुए प्लेसमेंट कर्मचारी दीपावली के पहले आंदोलन करने की रणनीति बना रहे हंै। मामले में नगर पंचायत के सत्तापक्ष के जनप्रतिनिधियों के साथ विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ज्ञात रहे कि इसी नगर पंचायत में एक साल पूर्व 200 शौचालय निर्माण में गड़बड़ी सामने आई थी जिसकी फाइल अब तक जांच के दायरे में नहीं लाई जा सकी है।

अधिकारी ने कहा मामले को देखता हूं
मामले में नपं के मुख्य कार्यपालन अधिकारी खिरेंद्र भोई ने कहा मैं अभी यहां के नगर पंचायत में नया हूं, इसके बारे में फाइल देखकर ही कुछ बता पाऊंगा। वहीं नगर पंचायत के लेखपाल सोम कुमार देशमुख ने कहा प्लेसमेंट कर्मचारियों की भविष्यनिधि नगर पंचायत के खाते में जमा है। यह राशि ठेकेदार के माध्यम से कर्मचारियों के खाते में जाएगी।