
37 साल बाद रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं
बालोद. वर्षों बाद रक्षाबंधन पर खास संयोग आया है। भाई-बहन को राखी बांधने बहनों को परेशानी नहीं होगी। खुशी की बात ये है कि 37 वर्षों बाद रक्षा बंधन का त्यौहार भद्राकाल के साए से दूर रहेगा। रविवार यानि 26 अगस्त को सुबह 6 बजे से शाम 3.37 बजे तक शुभ मुहूर्त है। इस दौरान पूरे दिन बहने राखी बांध सकती हैं।
प्यार और विश्वास का प्रतीक
रक्षा बंधन का त्यौहार बहन-भाई के प्यार और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन बहन अपने भाई को राखी बांधती हैं और मुंह मीठा कराकर रक्षा का आशीर्वाद मांगती हैं। भाई भी बहन को उपहार देकर अटूट ममता बनाए रखने का संकल्प लेता है। श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला त्यौहार इस साल का शुभ दिन 26 अगस्त को है।
धनिष्ठा नक्षत्र के कारण शाम तक मुहूर्त
पंडित ज्ञानेश्वर दुबे के मुताबिक इस बार रक्षा बंधन में भद्राकाल नहीं है। इस कारण पहने किसी भी समय अपने भाइयों को राखी बांध सकती हंै। पंडितों के मुताबिक करीब 37 साल बाद इस तरह का संयोग बना है। धनिष्ठा नक्षत्र के कारण सूर्योदय के बाद देर शाम तक राखी बांधने का मुहूर्त है।
पूजा की थाली के साथ बांधें रक्षा सूत्र
रक्षा बंधन पर बहनें प्रात: काल उठकर नए वस्त्र धारणकर राखी की थाली तैयार करें। थाल में राखी, कुमकुम, हल्दी, अक्षत और मिठाई रखकर भाई को तिलक लगाएं और आरती करें। उसके ऊपर अक्षत छिड़कें फिर भाई की दाहिने कलाई पर राखी बांधे। पंडितों की मानें तो रक्षाबंधन पर भाई बहन भी व्रत रख सकते हैं। लोग कहते हैं कि बहन ही व्रत रखे, पर ऐसा नहीं है भाई भी व्रत रख सकता है।
फैंसी राखियों से सज गया है बाजार
रक्षाबंधन को अब मात्र तीन दिन ही रह गए हैं, ऐसे में नगर के बाजार राखियों से सज गया है। बाजार में कई फैंसी राखी आई है, जो लोगों को खूब पसंद आ रही है। वहीं जीएसटी के कारण रखियों के दाम में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होने की बात भी कही जा रही है। राखी विक्रेता सूरज कुमार ने बताया इस बार दिल्ली, गुजरात से कई आकर्षक राखियां लाई गई है, लेकिन रखियों के दाम बढऩे से ग्राहकी थोड़ी फीकी है। इस बार रखी 10 रुपए से लेकर 400 रुपए तक की राखी बाजार में है।
Published on:
23 Aug 2018 09:04 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
