जिले में कोरोना मरीजों का आंकड़ा अब 900 के पार पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी व उनकी पत्नी के अलावा जिला महामारी नियंत्रक अधिकारी भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। (chhattisgarh coronavirus update)
बालोद. जिले में कोरोना मरीजों का आंकड़ा अब 900 के पार पहुंच गया है। शुक्रवार को जिले में कोरोना के कुल 70 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी व उनकी पत्नी के अलावा जिला महामारी नियंत्रक अधिकारी भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारी के कोरोना संक्रमित होने के बाद अब जिला स्वास्थ्य विभाग को सील कर दिया गया है। इन दोनों अधिकारियों के सम्पर्क में आने वालों का भी सैंपल लिया गया है। अब जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 937 पहुंच गई है। एक्टिव मरीजों की संख्या 548 तक पहुंच गई है।
भर्ती मरीजों को सांस लेने में तकलीफ
जिला कोविड-19 अस्पताल में 50 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। इनमें से 10 ऐसे कोरोना मरीज हैं, जिसे सांस लेने में तकलीफ है। कोरोना मरीजों की बिगड़ते स्वास्थ्य व सांस लेने में हो रही परेशानी को देखते हुए ऑक्सीजन वार्ड में रखा गया है। गुरुवार को ज्यादा स्वास्थ्य बिगडऩे के कारण दो मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया।
इसी माह कोरोना के 546 मरीज
विभागीय आंकड़े के मुताबिक जिले में कोरोना के मरीज तेजी से बढ़ रहे है। सितंबर में अभी तक 546 मरीज मिल चुके हैं, जो अब तक के सबसे ज्यादा मरीज हैं, जो एक ही माह में मिले हैं। यह आंकड़ा
अभी और बढ़ेगा। बढ़ता संक्रमण जिले के लिए खतरे की घंटी है। अब समय रहते सचेत रहने की जरूरत है।
अधिकांश कर्मचारी सीएमएचओ के संपर्क में
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी व महामारी नियंत्रण अधिकारी के सम्पर्क में विभाग के कई कर्मचारी इनके प्राइमरी कांटेक्ट में हैं। ऐसे में सभी का सैम्पल लेकर होम आइसोलेट कर दिया है। कार्यालय को सेनिटाइज करा कर सील कर दिया है।
अचानक बढ़े मरीज तो चरमरा जाएगी व्यवस्था
जिले में प्रतिदिन 40 से 70 के बीच मरीज निकल रहे हैं। डिस्चार्ज होने वालों की संख्या मिल रहे मरीज की तुलना में कम है। ऐसे में प्रशासन ने मरीजों के लिए एक हजार 24 बेड आरक्षित किए हैं। यह बेड भरने में देर नहीं लगेगी। बनाए गए आइसोलेशन केंद्रों में पर्याप्त सुविधा व मरीजों के लिए व्यवस्था बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
कोरोना के रोजाना बड़ी संख्या में मरीज मिल रहे हैं। ऐसे में अस्पताल व आइसोलेशन केंद्र भी फुल होने की स्थिति है। विभाग भी मरीज मिलने पर पहले मरीजों से राय ले रहा है। क्या वह घर पर इलाज करा सकते हैं। क्योंकि अब तो जिनके घर में पर्याप्त जगह है, वहां मरीजों का इलाज करा सकते हैं। इसके लिए शासन की गाइड लाइन का पालन करना जरूरी है। वर्तमान में जिले में 100 से ज्यादा ऐसे कोरोना संक्रमित मरीज हैं, जिनका इलाज उनके घर पर ही चल रहा है।