उक्त मांग को लेकर ग्रामीण 7 मार्च से आमरण-अनशन पर बैठे हैं। सबसे पहले प्रेम लाल ठाकुर अनशन पर बैठे, जो 16 दिनों तक बिना खाए-पिए बैठे रहे जिसकी तबीयत खराब होने से डॉक्टरों ने उसे अनशन से उठा दिया। उसके बाद 21 मार्च से ग्रामीण नरेश करपाल बैठे जिसकी तबीयत बुधवार शाम 5 बजे बिगड़ गई जिसे जिला अस्पताल में लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है