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गांव की गलियों से दिल्ली के स्टेडियम तक! दूदू की बेटी मोना जाट का वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में चयन

राजस्थान की माटी ने एक बार फिर खेल जगत में अपनी चमक बिखेरी है। जयपुर जिले की दूदू तहसील के छोटे से गांव साली की रहने वाली मोना जाट का चयन शूटिंग वॉलीबॉल वर्ल्ड कप के लिए भारतीय महिला टीम में हुआ है।

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mona jat

युवा खिलाड़ी मोना जाट का भारतीय टीम में चयन

World Cup Shooting Ball 2026: राजस्थान की खेल प्रतिभाएं एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकने को तैयार हैं। जयपुर जिले के दूदू तहसील के गांव साली की रहने वाली युवा खिलाड़ी मोना जाट ने अपनी मेहनत और जज्बे से इतिहास रच दिया है। मोना का चयन आगामी शूटिंग वॉलीबॉल विश्वकप (World Cup Shootingball) के लिए भारतीय महिला टीम में हुआ है। इस उपलब्धि के बाद न केवल उनके गांव साली में, बल्कि पूरे राजस्थान के खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है।

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में सजेगा विश्वकप का मंच

विश्वभर के दिग्गजों के बीच होने वाली यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 1 से 3 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली के ऐतिहासिक जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित की जाएगी। मोना जाट इस टूर्नामेंट में भारतीय जर्सी पहनकर मैदान पर उतरेंगी। माना जा रहा है कि मोना की उपस्थिति से भारतीय टीम के डिफेंस और अटैक को नई मजबूती मिलेगी।

9वीं कक्षा से शुरू हुआ था सफर

मात्र 21 वर्ष की मोना जाट की सफलता की कहानी संघर्ष और लगन की मिसाल है। उन्होंने वॉलीबॉल के मैदान पर अपना पहला कदम वर्ष 2019 में कक्षा 9वीं के दौरान रखा था। शुरुआती दिनों से ही खेल के प्रति उनके समर्पण ने कोच और साथी खिलाड़ियों को प्रभावित किया। वर्तमान में मोना भवानी निकेतन बीपीएड कॉलेज की प्रथम सेमेस्टर की छात्रा हैं। कॉलेज स्तर पर भी वे खेल और पढ़ाई के बीच बेहतरीन तालमेल बिठाकर अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।

मेहनत से पाया मुकाम

भारतीय टीम तक पहुंचने का मोना का रास्ता आसान नहीं था। उन्होंने लगातार क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर अपना लोहा मनवाया। मोना वेस्ट ज़ोन (पश्चिमी क्षेत्र) की विजेता टीम का अहम हिस्सा रह चुकी हैं। स्कूल और कॉलेज स्तर की प्रतियोगिताओं में उनके शानदार प्रदर्शन के कारण ही चयनकर्ताओं ने उन्हें विश्वकप की टीम में शामिल करने का फैसला किया।

क्षेत्र में गौरव का माहौल

मोना के पिता मोती राम जाट और पूरे परिवार के लिए यह भावुक क्षण है। गांव के लोगों का कहना है कि मोना ने यह साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो गांव की गलियों से निकलकर भी विश्वकप जैसे बड़े मंच तक पहुंचा जा सकता है। भवानी निकेतन कॉलेज प्रबंधन और शिक्षकों ने मोना को मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

अगला लक्ष्य: विश्वकप की ट्रॉफी पर कब्जा

विश्वकप के लिए चयनित होने के बाद मोना जाट अब कड़े अभ्यास में जुट गई हैं। उनका लक्ष्य भारतीय टीम को विश्व विजेता बनाना और तिरंगे का मान बढ़ाना है। 1 फरवरी से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट में सबकी नजरें जयपुर की इस 'स्टार खिलाड़ी' पर टिकी होंगी।