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बैतूल में एनडीआरएफ की टीम करेगी फैमिलियराइजेशन अभ्यास, आपदा प्रबंधन की तैयारियों का होगा आंकलन

वाराणसी से 24 को बैतूल पहुंचेगी एनडीआरएफ की टीम , 25 जनवरी से 7 फरवरी तक चलेगा अभ्यास, जिले के संवेदनशील क्षेत्रों का होगा सर्वे। बैतूल। जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने और उन्हें और मजबूत बनाने के उद्देश्य से 11वीं बटालियन राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) द्वारा एफएएमई एक्स (फैमिलियराइजेशन एक्सरसाइज) कराया […]

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वाराणसी से 24 को बैतूल पहुंचेगी एनडीआरएफ की टीम , 25 जनवरी से 7 फरवरी तक चलेगा अभ्यास, जिले के संवेदनशील क्षेत्रों का होगा सर्वे।

बैतूल। जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने और उन्हें और मजबूत बनाने के उद्देश्य से 11वीं बटालियन राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) द्वारा एफएएमई एक्स (फैमिलियराइजेशन एक्सरसाइज) कराया जाएगा। इस संबंध में 11वीं बटालियन एनडीआरएफ वाराणसी की ओर से कलेक्टर बैतूल को आवेदन पत्र भेजा गया है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार एनडीआरएफ द्वारा समय-समय पर विभिन्न राज्यों और जिलों में एफएएमई एक्स अभ्यास आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में 25 जनवरी से 7 फरवरी तक यह अभ्यास प्रस्तावित है। इसके तहत 24 जनवरी को एनडीआरएफ की एक टीम बैतूल पहुंचेगी।
अभ्यास के दौरान हृष्ठक्रस्न की टीम जिले के विभिन्न आपदा संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख दुर्घटना संभावित इकाइयों का निरीक्षण करेगी। इस दौरान संबंधित क्षेत्रों का भौतिक सत्यापन कर आवश्यक डेटा एकत्र किया जाएगा, ताकि जिले की आपदा प्रबंधन योजना का अध्ययन कर उसे और प्रभावी बनाया जा सके। आवेदन में यह भी अनुरोध किया गया है कि एफएएमई एक्स अभ्यास को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन आवश्यक सहयोग प्रदान करे। इसके तहत एनडीआरएफ टीम के ठहरने, आवागमन और समन्वय के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ एक लायजन अधिकारी नियुक्त करने का आग्रह किया गया है। यह लायजन अधिकारी एनडीआरएफ टीम और जिला प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक जानकारी व दस्तावेज उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। एनडीआरएफ अधिकारियों का कहना है कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य जिले में संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों का आंकलन करना और स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।