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बारिश ने खोली भ्रष्टाचार की पोल, 20 लाख की पुलिया एक दिन की बारिश में बही, दो दर्जन से ज्यादा गांवों का संपर्क टूटा

शासन-प्रशासन ने नहीं सुनी ग्रामीणों की मांग। आखिर वहीं हुआ जिसका ग्रामीणों को डर था। लगातार तेज बारिश से आई बाढ़ (flood in CG )से जिले के कई पुल पुलिया डूब गए। गांव का पुलिया ही बह गया जिससे कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया।

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बालोद

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Dakshi Sahu

Sep 05, 2019

बारिश ने खोली भ्रष्टाचार की पोल, 20 लाख की पुलिया एक दिन की बारिश में बही, दो दर्जन से ज्यादा गांवों का संपर्क टूटा

बारिश ने खोली भ्रष्टाचार की पोल, 20 लाख की पुलिया एक दिन की बारिश में बही, दो दर्जन से ज्यादा गांवों का संपर्क टूटा

बालोद. शासन-प्रशासन ने नहीं सुनी ग्रामीणों की मांग। आखिर वहीं हुआ जिसका ग्रामीणों को डर था। लगातार तेज बारिश से आई बाढ़ से जिले के कई पुल पुलिया डूब गए। वहीं एक गांव का पुलिया ही बह गया जिससे कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया। बसों का आवागमन बंद हो गया है।

ऊंचाई बढ़ाने 20 साल से ग्रामीण कर रहे मांग
पुलियों की ऊंचाई बढ़ाने व नए पुलिया बनाने की मांग ग्रामीण 20 सालों से कर रहे हैं। शाम को नाले का जलस्तर बढऩे के कारण आवगमन पूरी तरह बंद करा दिया गया, जिससे कोई अनहोनी न हो। इधर साल भर पहले जिस पुलिया की मरम्मत के लिए विभाग ने लगभग 20 लाख रुपए खर्च कया वह पुलिया बह गया। इस मार्ग व पुलिया को प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनाया गया था। सिर्फ पुलिया की मांग को लेकर ही दर्जनों बार कलक्टर और मुख्यमंत्री जनदर्शन में आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई कोई पहल। ग्रामीणों के लिए लोक सुराज, जनसमस्या निवारण शिविर, जनदर्शन सिर्फ दिखावा ही साबित हो गया है। ग्रामीणों के आंदोलन का भी कुछ असर नहीं हुआ।

कोई पहल नहीं
पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा ने भी कई बार इस नाले में पुल बनाने शासन को पत्र लिख चुके हैं। अब तक कोई पहल नहीं हुई है। मार्ग टूट जाने से बसें भी बंद है। इस मार्ग से कोई भी चार पहिया वाहन गुजर नहीं सकता है। पुलिया टूटने से 5 फीट गड्ढा हो गया हैं।

जिले के बालोद ब्लाक के ग्राम बोरी सेमरिया नाले में बाढ़ आने से पुलिया ही बह गया। बता दें कि इस पुलिया की मरम्मत बीते साल किया था। पुलिया बहने से आवागमन बंद हो गया है। छोटी पुलिया को तोड़कर नया बनाने की मांग ग्राम बोरी सहित आसपास के ग्रामीण 20 सालों से कर रहे है। नाले पर बाढ़ आने से पुलिया डूब जाता है और यह मार्ग सप्ताह भर तक बंद हो जाता है। ग्राम बोरी निवासी नारद सेन ने बताया कि ग्रामीणों की सिर्फ एक ही मांग बोरी सेमरिया नाला में पुल निर्माण की है।

20 गांवों को जोडऩे वाली पुलिया
जनपद सदस्य लता साहू, ग्राम खपरी सरपंच ज्ञानचंद सोरी ने बताया कि ग्राम बोरी सेमरिया नाला में बने जर्जर व छोटे पुल से 20 गांवों के लोग जिला मुख्यालय जाते हंै। बेटियां पढाई करने व अन्य शासकीय कार्य से बालोद, लाटाबोड़, बेलौदी जाते है। बाढ़़ में पुलिया डूब जाने के बाद तो मार्ग ही बंद हो जाता है।

प्रधानमंत्री सड़क योजना विभाग ने दिया आश्वासन
20 सालों से टूटे पुलिया की मरम्मत की जाती है। जितनी राशि मरम्मत में खर्चकर चुके हैं उतनी में नया पुल बन जाता। बीते साल ग्रामीणों ने पुल बनाने के लिए हड़ताल किए थे। प्रधानमंत्री सड़क योजना विभाग ने आश्वासन दिया है कि 2020 में पुल बनाया जाएगा।

दो दिनों तक प्रदेश में होगी बारिश
आषाढ़ और सावन में लोगों को तरसाकर लौट गए बादल अब भादो में खूब बरस रहे हैं। पिछले 24 घंटे में दुर्ग जिले सहित बालोद और बेमेतरा के कुछ ब्लॉक में अच्छी बारिश हुई। बालोद जिले के गुरुर में 152..6 मिमी बारिश दर्ज की गई जो संभाग में सबसे ज्यादा है। वही बेमेतरा के बेरला में 68 मिमी बारिश हुई। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से लगातार हो रही है। इस बारिश के कारण किसानों ने भी अब राहत की सांस ली है।

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