
छत्तीसगढ़ में पहली बार प्राकृतिक पेंट से कलेक्ट्रेट की पोताई, राज्य का पहला जिला बना बालोद, कलेक्टर ने खुद की पोताई
Balod: कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्राकृतिक पेंट से कलेक्ट्रेट भवन की पोताई कर कार्य का श्रीगणेश किया। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी शासकीय कार्यालयों, भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों आदि की पोताई प्राकृतिक पेंट से की जा रही है। कलेक्टर के निर्देशानुसार विभिन्न विभाग अपने अधीनस्थ कार्यालयों एवं शासकीय भवनों के लिए बालोद विकासखंड के आदर्श गौठान बरही में स्थापित प्राकृतिक पेंट इकाई से गोबर से बने प्राकृतिक पेंट एवं डिस्टेम्पर की खरीदी कर रहे हैं।
इमल्सन पेंट और डिस्टेंपर बनाया जा रहा
मां गौरी स्वसहायता समूह के अध्यक्ष शैल कुमारी सिन्हा ने बताया कि बरही स्थित प्राकृतिक पेंट इकाई में गोबर से इमल्सन पेंट व डिस्टेम्पर बनाया जा रहा है। इसके लिए पशुपालकों से गोबर की खरीदी की जा रही है। साफ-सफाई कर पेंट बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। प्राकृतिक पेंट इकाई में वर्तमान में सफेद, पीला, हरा, गुलाबी रंग के पेंट का उत्पादन किया जा रहा है।
पहले चरण में 25 हजार लीटर पेंट की मांग
नोडल अधिकारी एवं उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. डीके शिवहरे ने बताया कि विकासखंड गुरुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत सोरर में 180 लीटर प्राकृतिक पेंट की खरीदी की गई है। गुंडरदेही विकासखंड की ग्राम पंचायत परसतराई में 28 लीटर प्राकृतिक पेंट की खरीदी की गई है। पहले चरण में विभिन्न विभागों ने 25 हजार लीटर पेंट की मांग की गई है। इस प्राकृतिक पेंट इकाई की प्रतिदिन की उत्पादन क्षमता 200 लीटर है।
पीडब्ल्यूडी ने 800 लीटर प्राकृतिक पेंट खरीदा
लोक निर्माण विभाग ने 225 रुपए प्रति लीटर की दर से 400 लीटर प्राकृतिक पेंट एवं 120 रुपए प्रति लीटर की दर से 400 लीटर प्राकृतिक डिस्टेम्पर कुल एक लाख 62 हजार रुपए में 800 लीटर प्राकृतिक पेंट व डिस्टेम्पर की सर्वाधिक खरीदी की गई है।
Published on:
28 Feb 2023 02:25 pm

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