संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग को लेकर हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। बुधवार को संविदा कर्मचारियों ने धरना स्थल नया बस स्टैंड में मानव शृंखला बनाई। साथ ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के चुनाव के पहले जारी घोषणा पत्र का पुतला दहन किया गया।
बालोद. संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग को लेकर हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। बुधवार को संविदा कर्मचारियों ने धरना स्थल नया बस स्टैंड में मानव शृंखला बनाई। साथ ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के चुनाव के पहले जारी घोषणा पत्र का पुतला दहन किया गया। मानव शृंखला के माध्यम से दर्शाया गया कि सभी संविदा कर्मचारी एकजुट एवं नियमितीकरण पाने संकल्पित हैं। 2018 के जनघोषणा पत्र में कांग्रेस ने संविदा कर्मचारियों से नियमितीकरण का वादा किया था। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के साढ़े चार साल बाद भी नियमितीकरण तो दूर नियमित रूप से जो वेतन बढ़ाना था, वह भी नहीं बढ़ाया गया। कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बदतर होती जा रही है, जिसका परिणाम पूरे परिवार को भुगतना पड़ रहा है।
सरकार ने नहीं किया अपना वादा पूरा
संघ के जिला संयोजक रितेश गंगबेर ने कहा कि संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा आज तक पूरा नहीं किया है, जबकि फिर चुनाव आने वाले हैं। राज्य के 54 विभागों में कार्यरत 45 हजार संविदा कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल से मूलभूत कार्य, स्वास्थ्य सुविधा और पंचायत स्तर के निर्माण कार्य के साथ अन्य आवश्यक सेवाएं ठप पडऩे लगी हैं।
इन विभागों के संविदा कर्मचारी हड़ताल पर
आंदोलन में स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, महिला एवम बाल विकास विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, क्रेडा, श्रम विभाग, आईटीआई, कृषि विभाग, कौशल उन्नयन एवं जिले की समस्त योजना के लगभग 550 संविदा कर्मचारी सम्मिलित हुए।