
मनरेगा में आर्थिक गड़बड़ी : जांच के एक सप्ताह बाद भी रिपोर्ट सीईओ को नहीं सौंपी
बालोद @ patrika . जिले के गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम रनचिरई में मनरेगा में हुई आर्थिक गड़बड़ी की जांच को एक सप्ताह हो गए किंतु रिपोर्ट अभी तक जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंपी नहीं गई है। इससे शिकायतकर्ताओं को मामले में लीपापोती की आशंका जताई है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारी को सौंपा ना जाना समझ से परे है।
मस्टररोल में फर्जी हाजिरी लगाकर राशि निकालने की शिकायत
बात दें कि ग्राम रनचिरई के ग्रामीणों ने बीते माह मनरेगा काम के तहत मस्टररोल में फर्जी हाजिरी लगाकर राशि निकालने की शिकायत की थी। शिकायतकर्ताओं ने रोजगार सहायिका और पंचायत सचिव पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था। कलक्टर के निर्देश पर गुंडरदेही जनपद पंचायत की पांच सदस्यीय टीम ने मामले की जांच की थी।
अधिकारियों पर ही मिलीभगत का आरोप
पूछताछ में जिन पर आरोप लगे थे उन्होंने ना सिर्फ गोलमाल जवाब दिए थे बल्कि जांच टीम में शामिल अधिकारी पर ही मिलीभगत का आरोप लगा दिया था। आरोपित व्यक्तियों का कहना था कि सचिव के बिना हस्ताक्षर राशि कैसे निकल गई उन्हें भी जानकारी नहीं। इस आरोप का जवाब जांच अधिकारी भी नहीं दे पाए। इस मामले में जांच टीम ने ग्रामीण मजदूरों के बयान दिए थे। गांव के कुल 27 लोगों का बयान लिया गया था। सभी ने उनके फर्जीनाम से हाजिरी लगाने की बात स्वीकार की थी।
दोषी के खिलाफ होगी कार्रवाई
जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर ने कहा कि यह मामला गंभीर है। मामले की जांच हो गई है। जांच रिपोर्ट गुंडरदेही जनपद पंचायत सीईओ ने नहीं दी है। उनसे जानकारी मंगाई जाएगी। मामले में जो भी दोषी होंगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
11 Sept 2019 11:24 pm
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