
मृत्यु के बाद भी आपके अंग आ जाए काम, जीवन में कर जाएं कुछ ऐसा
बालोद. जीवन में आए हैं तो कुछ अच्छा कर जाएं कि लोग हमें याद करे। मरने के बाद भी हमारा शरीर किसी के काम आए इसके लिए हमें आगे आना चाहिए। ये रचनात्मक काम है नेत्रदान कर किसी की अंधेरी दुनिया को रौशन कर सकते हैं। वहीं शरीर का दान कर नए चिकित्सक तैयार करने में हम सहयोग कर सकते हैं।
नेत्रदान पखवाड़ा 8 सितंबर तक
इसी के तहत नेत्रदान पखवाड़ा के लिए जिला कार्यालय में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जहां 8 सितंबर तक जिले के सभी विकासखण्डों में नेत्रदान पखवाड़ा आयोजित करने पर चर्चा की गई। इसके तहत विकासखण्डों में शालेय छात्र-छात्राओं में रैली व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन नेत्र सहायक अधिकारियों के माध्यम से किया जाना है। इस दौरान आम जनता को नेत्रदान के महत्व पर जानकारी दी जाएगी।
स्कूलों में स्पर्धाएं
शासन के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एकेएस रात्रे एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक के निर्देशक डॉ. रीना लक्ष्मी व जिला नोडल अधिकारी डॉ. एनसी लॉगे, सहायक नेत्र दान अधिकारी अनिल कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में होने वाले नेत्रदान अभियान की तैयारियों पर चर्चा की गई। इसके के लिए स्कूलों में स्पर्धाएं आयोजित की जाएगी।
सभी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है घोषणा पत्र
बताया गया कि नेत्रदान किस तरह से करें या कराएं। जनसभा आयोजित कर व स्कूलों में स्वास्थ्य, शिक्षा के माध्यम से व्यापक रूप से प्रसार किया जाना है। जानकारी दी कि गुरुर ब्लॉक के ग्राम कंवर निवासी स्व. चिंता राम साहू मरणोपरांत अपना नेत्रदान एवं देह दान किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मार्गदर्शन से उनके सुपुत्र रधुनदंन साहू को जिला अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम इकाई के माध्यम से अभिनंदन पत्र दिया गया। नेत्रदान घोषणा पत्र 7 जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नेत्र सहायक अधिकारियों के पास उपलब्ध है। कार्यशाला एवं बैठक में जिले के सभी नेत्र सहायक अधिकारी उपस्थित रहे।
Published on:
27 Aug 2018 09:03 am

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