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जब महिला बाल विकास मंत्री के इलाके की 500 बेटियों ने एक साथ ले ली स्कूल से छुट्टी, प्रशासन में मच गया हड़कंप

बालोद जिले के आदिवासी विकासखंड डौंडी स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं को शिक्षा से वंचित होने का डर सताने लगा है।

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बालोद

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Dakshi Sahu

Oct 27, 2021

जब महिला बाल विकास मंत्री के इलाके की 500 बेटियों ने एक साथ ले ली स्कूल से छुट्टी, प्रशासन में मच गया हड़कंप

जब महिला बाल विकास मंत्री के इलाके की 500 बेटियों ने एक साथ ले ली स्कूल से छुट्टी, प्रशासन में मच गया हड़कंप

बालोद. बालोद जिले के आदिवासी विकासखंड डौंडी स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं को शिक्षा से वंचित होने का डर सताने लगा है। महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेडिय़ा के गृह जिले की सैकड़ों छात्राओं ने मंगलवार को स्कूल से छुट्टी लेकर पालकों के साथ इक_ा हुई। आगे की रणनीति बनाने में जुटे रहे। स्कूल को बंद न कराने की मांग की।

कलेक्टर, तहसीलदार और मंत्री के नाम लिखा पत्र
छात्राओं को स्कूल बंद होने की जानकारी लगी तो उन्होंने कलेक्टर, तहसीलदार सहित क्षेत्रीय विधायक व महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेडिय़ा को छात्राओं ने आवेदन सौंपकर स्कूल बंद नहीं करने की मांग करते हुए लिखित में आश्वासन देने की मांग की। छात्राओं ने कहा कि यह स्कूल वर्षों से संचालित है। इससे छेडख़ानी करना गलत है। मामले में शासन-प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया है। इक_ा हुई छात्राओं में साक्षी विश्वकर्मा, मधु आर्दे, चिंतापुरीनी, चंद्राकर, पूर्णिमा चूरेंद्र, पिलेश्वरी राणा, तनुजा मरकाम, पल्लवी मरकाम, साधना पटेल, खुशबू शोम, शाहीन परवीन, चंचल ठाकुर, पूनम लारिया, चंचल मौजूद रही।

30 साल से संचालित है सरकारी स्कूल
आदिवासी विकासखंड में स्कूल बंद करने के निर्णय से आक्रोशित सैकड़ों छात्राओं ने स्कूल से छुट्टी ले ली। छात्राओं को आशंका है कि उनके स्कूल को स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। जिसके चलते शिक्षा से वंचित हो जाएंगीं। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डौंडी में लगभग 600 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत है। स्कूल 30 साल से अधिक समय से संचालित है। ऐसे में शाला की समिति एवं पलकों में स्कूल बंद होने का डर सताने लगा है। जिसे देखते हुए वे भी अपने बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके साथ आगे की रणनीति बनाने में जुटे। स्कूल बंद होने की स्थिति में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।