
आदर्श समाज और परिवार की स्थापना में आचरण का बड़ा महत्व
भिलाई. प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज का छत्तीसगढ़ स्तरीय सम्मेलन हुआ। जहां ब्राह्मण एकत्रीकरण एवं वर्तमान परिवेश के सामाजिक विषयों के अंतर्गत वैवाहिक संबंधों में बिखराव पर परिचर्चा और सामाजिक समग्रता सम्मान का में अनेक विपरीत परिस्थितियों पर चिंता-मनन किया गया। वरिष्ठों ने कहा आदर्श समाज और परिवार के लिए अपने अच्छे आचरण पर जोर दिया। इसमें सुधार के लिए विषिष्ठों ने विचार रखे।
प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज छत्तीसगढ़
अतिथियों ने कहा संगठनात्मक वर्ष स्थापना के दो वर्ष पूर्ण कर चुका है। विगत दो साल में प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज छत्तीसगढ़ ने समाज हित में केवल उन रचनात्मक कार्यों पर विशेष प्रयास किया जिससे सामाजिक स्वजन प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हों। सिविल लाइंस रायपुर के स्थित वृंदावन हाल में सुबह 10 बजे से प्रारंभ कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि दीप्ति प्रमोद दुबे व पं. शिवजलम दुबे, सेवानिवृत्त ईई पीडब्ल्यूडी पं. केपी तिवारी, डॉ. प्रदीप शुक्ला बिलासपुर व पं. सुबोध पांडेय विशिष्ट अतिथि थे।
समाज हित के कार्यों में सक्षम स्वजन सहयोग में आएं आगे
मुख्य अतिथि दीप्ति दुबे ने समाज और आदर्श परिवार के महत्व को स्पष्ट करते हुए इस आयोजन को समाज हित में सकारात्मक पहल बताया। विशिष्ट अतिथि पंडित तिवारी ने समाज हित में निरंतर इस प्रकार के आयोजनों की आवश्यकता पर जोर दिया। पं. शिवजलम ने संगठन द्वारा लगातार किए जा रहे समाज हित के कार्यों में सक्षम सामाजिक स्वजनों को आगे आकर सहयोग करने की बात कही। बिलासपुर से आए डॉ. प्रदीप ने ब्राह्मण समाज हित में कार्य कर रहे संगठनों के कार्यों से समाज के स्वजनों को लाभ प्राप्त होने की बात कही। पंडित सुबोध ने प्रेरक उद्बोधन में संगठन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक स्तर पर इसके महत्व पर विशेष जानकारी प्रदान की।
संगठन की मजबूती के लिए ऐसे आयोजन आवश्यक
प्रथम सत्र की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश समन्वयक पं. सजल तिवारी ने संगठन द्वारा विगत दो वर्षों में किए गए समाज हित के कार्यों के आधार पर भविष्य में भी समाज के लिए इसी तरह के कार्य करते रहने की प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने की बात कही। संगठन के महासचिव पं. संजय शुक्ला एवं बिलासपुर ब्राह्मण समाज से विशेष आमंत्रित जयश्री शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस सत्र में संगठन सहयोगी प्रशिक्षण कार्यशाला के अंतर्गत संगठनात्मक ढांचे की जानकारी देते हुए प्रदेश सचिव डॉ. भावेश शुक्ला पाराशर ने संगठन कार्यशैली पर विचार व्यक्त किए। प्रथम सत्र के अंत में संगठन के प्रदेशाध्यक्ष एस्ट्रो.पं. योगेश तिवारी ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न सहयोगियों के कार्यों की सराहना करते हुए दायित्व वितरण की विस्तृत जानकारी देते हुए संगठनात्मक विस्तार प्रणाली को बताया।
वैचारिक मतभेदों को त्यागकर एकजुट हो समाज
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में उद्घाटन के मुख्य अतिथि प्रदेश कांग्रेस मिडिया विभाग के अध्यक्ष पं. ज्ञानेश शर्मा ने कहा समाज हित में ब्राह्मण अनेक वैचारिक मतभेदों को त्यागकर एकजुट हों। विशिष्ट अतिथि मीनल छगन चौबे ने संगठन द्वारा किए जा रहे कार्यों में यथासंभव सहयोग का की बात कही। संगठन संयोजन पं. शैलेन्द्र रिछारिया ने आयोजन के विषयवस्तु पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में समाज हित में इसका महत्व बताया। द्वितीय सत्र की अध्यक्षता करते हुए नारीशक्ति प्रकोष्ठ की प्रदेश प्रमुख भारती किरण शर्मा ने इस आयोजन को समाज के जुड़े विषयों पर संगठनात्मक स्तर पर प्रथम पहल की संज्ञा दी। कहा निकट भविष्य में इस कार्यक्रम के माध्यम से वैवाहिक संबंधों में बिखराव की स्थिति में कमी होने की उम्मीद जताई।
आदर्श सास-बहू और बुजुर्गों का किया सम्मान
इस अवसर पर भारतीय संस्कृति से जुड़ाव के अंतर्गत चयनित श्रेणी के आधार पर वर्तमान परिवेश में सास- बहू के रिश्ते को आदर्श रूप में निभाने वाली सास-बहुओं की जोडिय़ों को व ८० साल पूर्ण कर चुके बुजुर्गों का सम्मान किया गया। बुजुर्गों में उर्वशी तिवारी, पवन दुबे, ललित तिवारी, आरपी तिवारी, डॉ. हरिशंकर मिश्रा, कांतिदेवी रिछारिया, जवाहर लाल तिवारी, रामसहाय पांडेय(मुंगेली), भानकुंवर पांडेय (मुंगेली) आदि शामिल थे। इस अवसर पर रायपुर, दुर्ग, बालोद, जांजगीर चांपा, रायगढ़, मुंगेली, बेमेतरा, कवर्धा, बिलासपुर, भाठापारा सहित छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से संगठन सहयोगी एवं समाज के सदस्य सहित दुर्ग से जिला संरक्षक सतोष उपाध्याय, युवा प्रकोष्ठ महासचिव पं. सरस शुक्ला, उपाध्यक्ष भारती तिवारी, प्रदेश प्रमुख पं. तामेश तिवारी, अनुरमा शुक्ला, संयोजिका ममता सनद तिवारी आदि शामिल हुए थे।
समाज की गरिमा के अनुरूप करें परिवार में व्यवहार
आयोजन में विशेष तह सामाजिक स्तर पर वैवाहिक संबंधों में बिखराव पर सार्वजनिक परिचर्चा में समाज की गरिमा के अनुरूप परिवार, समाज व आवास क्षेत्र में अपने विशिष्ट व्यवहार बनाए रखने पर वरिष्ठों ने विचार प्रस्तुत किए। परिचर्चा में बाल आयोग की पूर्व अध्यक्ष शताब्दी सुबोध पांडेय, समाज सेविका एवं पूर्व पुलिस काउंसलर ममता शर्मा, डिग्री गल्स कॉलेज की व्याख्याता डॉ. ऋचा शर्मा एवं अरुणा चौबे, पुलिस थाना सिविल लाइंस की उप निरीक्षक पूर्णिमा तिवारी, विभा तिवारी एवं कोरबा से अधिवक्ता मधु पांडेय, सेवानिवृत्त व्याख्याता उषा दुबे विशेष रूप से आमंत्रित थीं। कार्यक्रम का संचालन प्रीति शुक्ला व पं. वेदांत शर्मा ने किया।
Published on:
24 Aug 2018 09:04 am

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