पांडेपारा व जवाहर पारा के मध्य में लगभग 18 साल पुराना आधा अधूरा शौचालय है। ठेकेदार काम छोड़कर चले गया। लाखों की लागत से शौचालय का निर्माण किया जा रहा था। यह शौचालय जर्जर होने के बाद भी नगर पालिका इसे तोड़ नहीं रही है। यह कमजोर होकर गिर रहा है।
बालोद. नगर पालिका अंतर्गत पांडेपारा व जवाहर पारा के मध्य में लगभग 18 साल पुराना आधा अधूरा शौचालय है। ठेकेदार काम छोड़कर चले गया। लाखों की लागत से शौचालय का निर्माण किया जा रहा था। यह शौचालय जर्जर होने के बाद भी नगर पालिका इसे तोड़ नहीं रही है। यह कमजोर होकर गिर रहा है। वहीं वार्डवासी चाह रहे हैं कि इस शौचालय को तोड़ा जाए। अभी नगर पालिका इस बारे में पहल नहीं कर रही है। अनदेखी कभी भी भारी पड़ सकती है।
पास में है आंगनबाड़ी व मुख्य मार्ग, बना खतरा
अधूरे शौचालय भवन के पास ही आंगनबाड़ी भवन है। जवाहरपारा व पांडेपारा बुधवारी बाजार का मुख्य मार्ग होने से लोगों व बच्चों का आना जाना लगा रहता है। नगर पालिका खतरे से अनजान है। शौचालय का छज्जा टूट गया है। गिरने की कगार में है। इसे तोडऩा जरूरी है।
नगर पालिका को है घटना का इंतजार
नगर पालिका को जर्जर शौचालय के बारे में जानकारी होते हुए भी इसे तोड़ नहीं रही है। ऐसा लगता है कि पालिका को बड़ी घटना का इंतजार है।
शराबियों का बना अड्डा
अधूरा शौचालय वर्तमान में असामाजिक तत्व व शराबियों का अड्डा बन गया है। शराबियों को जान की परवाह नहीं है बल्कि इस जर्जर शौचालय के अंदर ही बैठक शराब पीते दिखाई देते हैं। पार्षद तुलसा सुनील मालेकर ने कहा कि नगर पालिका में इस पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।