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तीन शिक्षकों ने पहले खुद सीखा योग, अब लोगों को निरोगी बनाने में जुटे

जिले के योग शिक्षकों ने प्रदेश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई है। जिले के तीन योग शिक्षक हजारों को योग सिखाते हैं। वैसे जिले में 7 हजार से अधिक लोग सक्रिय रूप से योग करते हैं। योग के मामले में स्वास्थ्य और उपलब्धियों के लिए आदर्श बन गए हैं।

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज

स्कूलों के बच्चों को सिखाया योगा। योग करते धीरज शर्मा व गजेंद्र।

बालोद. मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। जिले के योग शिक्षकों ने प्रदेश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई है। जिले के तीन योग शिक्षक हजारों को योग सिखाते हैं। वैसे जिले में 7 हजार से अधिक लोग सक्रिय रूप से योग करते हैं। योग के मामले में स्वास्थ्य और उपलब्धियों के लिए आदर्श बन गए हैं। इन लोगों ने योग को अपने जीवन से जोड़ लिया है। अंतरराष्ट्रीय योग प्रतियोगिता में भी प्रस्तुति दे चुके हैं। योग से निरोगी काया का संदेश देते हुए योग में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर गोल्ड के साथ अन्य मेडल लेकर पूरे प्रदेश में नई पहचान बनाई है। सरकार योग आयोग बनाकर हर किसी को योग से जोडऩे बढ़ावा दे रही है। वहीं योग दिवस पर मंगलवार को लगभग जिले के 25 हजार से ज्यादा लोग योग करेंगे।

खुद बने निरोगी, अब दूसरों को सिखा रहे
बालोद निवासी 42 वर्षीय धीरज शर्मा आर्ट ऑफ लिविंग के योग शिक्षक है। उन्होंने खुद को निरोग जीवन में ढाला। अब खुद ऑनलाइन के जरिए जिले के आलावा देश व विदेश के लोगों को योग करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार 2009 में आर्ट ऑफ लिविंग से योग सीखा। फिर वह लोगों को सिखाना शुरू किया। जिले में ऑफलाइन व अन्य राज्य व विदेश के लोग ऑनलाइन योग सीखते हैं। लगभग 10 हजार लोग योग कर रहे हैं। उन्होंने बताया की योग से कई लोगों की बीमारी ठीक हो गई है। लोगों को योग से बोर न लगे इसलिए अलग अलग तरिके से योग करवाते है। सबसे ज्यादा डांसिंग योग व संगीत योगा है।

स्कूलों के बच्चों को सिखाया योग
योग शिक्षक बालाराम निषाद ने बताया कि अब तक 5 हजार से ज्यादा लोगों को योग सिखा चुके हैं। कई युवा, विद्यार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने राज्य, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय, योग प्रतियोगिता में भाग लेकर प्रस्तुति दी। अन्य लोगों को योग भी सिखा रहे है। दो साल से कोरोना की वजह से एक भी प्रतियोगिता में शामिल नहीं हुए। ऑनलाइन ही योग कर रहे हैं। इनसे योग सीखने वाले 50 राज्य स्तरीय, 25 राष्ट्रीय व 15 अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।

गजेंद्र व लीलेश्वर ने बनाई पहचान
जिले के ग्राम मुजगहन निवासी गजेंद्र व लीलेश्वर दोनों भाई हंै। 2018 में सोरर हाईस्कूल में पढ़ाई करते हुए उन्होंने नेपाल में अंतरराष्ट्रीय योग प्रतियोगिता में भाग लेकर बेहतर प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। अब दोनों भाई बीपीएड की पढ़ाई कर रहे हैं। आज भी दोनों भाई विद्यार्थियों को योग सिखाते हैं।