17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

68 साल पहले झलमला में बना कृष्ण मंदिर, राधा-कृष्ण की प्रतिमा करती है आकर्षित

शुक्रवार को भगवान कृष्ण की जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वैसे पूरे जिले में भगवान कृष्ण की प्रतिमा स्थापित है। इस कृष्ण जन्माष्टमी में हम भगवान कृष्ण के ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे लोग अनजान हैं। सन 1954 में झलमला गांव के पंडित रघुनंदन के शिष्य पड़ोसी गांव परसोदा निवासी पंडित घनाराम ने इस मंदिर का निर्माण कराया। जहां संगमरमर से बने भगवान कृष्ण-राधा की आकर्षक प्रतिमा है।

2 min read
Google source verification
कृष्ण जन्माष्टमी आज

झलमला में बना कृष्ण मंदिर में स्थापित राधा-कृष्ण की प्रतिमा

बालोद. शुक्रवार को भगवान कृष्ण की जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वैसे पूरे जिले में भगवान कृष्ण की प्रतिमा स्थापित है। इस कृष्णजन्माष्टमी में हम भगवान कृष्ण के ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे लोग अनजान हैं। सन 1954 में झलमला गांव के पंडित रघुनंदन के शिष्य पड़ोसी गांव परसोदा निवासी पंडित घनाराम ने इस मंदिर का निर्माण कराया। जहां संगमरमर से बने भगवान कृष्ण-राधा की आकर्षक प्रतिमा है। इस प्रतिमा को देखने से ऐसा लगता है कि भगवान कृष्ण-राधा यहीं पास में ही हैं। भले ही कई लोग 68 साल पुराने मंदिर से अनजान हैं, लेकिन पंडित घनाराम महराज की तीसरी पीढ़ी मंदिर की देखरेख के साथ पूजा पाठ कर रही है। यहां जन्माष्टमी की तैयारी पूरी हो चुकी है।

कृष्ण के भक्त थे रघुनंदन व घनाराम महाराज
मंदिर की देखरेख कर रहे अमित नंद किशोर शर्मा ने बताया कि हमारे गुरु रघुनंदन महाराज व घनाराम महराज भगवान कृष्ण के भक्त थे। परसोदा निवासी महाराज घनाराम ने अपने गुरु से कहा कि यह आपकी जमीन है। यहां भगवान कृष्ण का मंदिर बनाना चाह रहे हैं। मंदिर में भगवान कृष्ण की पूजा आप करेंगे। निर्माण 1953 में शुरू हुआ, जो 1954 में बनकर तैयार हुआ। रघुनंदन महाराज के निधन के बाद स्व. हरि प्रसाद ने मंदिर संभाला। उनके निधन के बाद हरिप्रसाद शर्मा ने देखरेख की। उनका निधन 2010 में हुआ। इसके बाद उनके बेटे अमित नंदकिशोर शर्मा मंदिर की देखरेख कर रहे हैं।

कपिलेश्वर मंदिर, शिकारीपारा मंदिर में भी होगी पूजा
इधर जिला मुख्यालय के कपिलेश्वर मंदिर में भी भगवान कृष्ण राधा की प्रतिमा है। नगर के शिकारीपारा, झलमला स्थिति आदमाबाद में भी साल 1985 में निर्मित कृष्ण मंदिर है। जिलेभर में और भी भगवान कृष्ण मंदिर हैं, जहां जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

IMAGE CREDIT: balod patrika

स्कूलों में भगवान कृष्ण-राधा की झांकी निकाली गई
बालोद. शुक्रवार को जिलेभर में भगवान कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। जन्माष्टमी पर अवकाश होने की वजह से गुरुवार को ही विभिन्न स्कूलों में भगवान कृष्ण-राधा की झांकी निकाली गई। भक्ति में झूमते नजर आए। इधर इस पर्व को देखते हुए शहर में जगह-जगह शृंगार सामग्री की दुकानें सजी हैं। स्कूल समेत अन्य जगहों पर विभिन्न आयोजन होने लगे हैं। लोग भगवान कृष्ण के स्वागत के लिए आतुर हैं। नगर सहित जिलेभर के कृष्ण मंदिरों को भी आकर्षक व रंग बिरंगी रौशनी से सजाया गया है।

प्रतिमा स्थापित कर की जाएगी विशेष पूजा
जन्माष्टमी पर्व पर शहर में कई स्थलों पर शुक्रवार सुबह से ही भजन, सत्संग, दही हांडी समेत अन्य कार्यक्रमों की शुरुआत हो जाएगी। शाम ढलते-ढलते श्रद्धालुओं की श्रद्धाभक्ति पूरे चरम पर होगी। इसके बाद मध्यरात्रि मंदिरों में घंट-घडिय़ाल और मृदंग-ढोलक की थाप के साथ जय हो नंदलाल की, हाथी घोड़ा पालकी...गुंजायमान होगा।

जगह -जगह दिखाई दिए नंदलाल व राधा
जिला मुख्यालय के विभिन्न स्कूलों में बच्चों को राधा-कृष्ण बनाकर झांकी निकाली गई। शहर में जगह-जगह भगवान कृष्ण व राधा नजर आए। जन्मोत्सव मनाने श्रद्धालु झूला, वस्त्र, पूजा सामग्री आदि की खरीदारी पूरी करने के बाद जन्माष्टमी की तैयारियों में व्यस्त हो गए हैं।