
बालोद. 25 साल बाद भी मांग पूरी नहीं होने से 11 गांव के सैंकड़ों किसान बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल (Farmer Protest ) पर बैठ गए हैं। बालोद विकासखंड में चिरकन बांध बनाने की मांग 25 साल बाद भी पूरा नहीं होने से नाराज किसान वहीं पर हड़ताल में बैठे हैं, जहां पर वे बांध बनाने की मांग कर रहे हैं।
हड़ताल पर बैठे किसानों का कहना है यहां बांध बनाना बहुत जरूरी है। बांध के निर्माण से हजारों एकड़ खेती को लाभ मिलेगा। और जब तक यहां बांध का निर्माण नही होता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन में कुसुमटोला, उकारी, मरारटोलो, लीमहाटोला, बम्हनी सहित 11 गांवों के किसान शामिल हैं।
किसानों के इस आंदोलन में भाजपा नेता देवलाल ठाकुर व किसान नेता जनकलाल ठाकुर भी शामिल हुए। उन्होंने किसानों की मांग को जायज बताया। किसानों के आंदोलन की जानकारी मिलने पर जलसंसाधन विभाग के अधिकारी भी आंदोलन स्थल पर पहुचे और किसानों से चर्चा की।
3.77 करोड़ रुपए की हुई थी स्वीकृति
जलसंसाधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सन 1980 में अकाल के दौरान ग्रामीणों को रोजगार देने व फसलों की सिंचाई के लिए बांध निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, जो कुछ माह बाद बन्द हो गया। पहले भी किसानों द्वारा मांग करने पर 2015 में बांध बनाने 3 करोड़ 77 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली। पर बांध निर्माण में वन विभाग की जमीन आने के कारण मामला उलझ गया। जिसे आज तक नहीं सुलझाया गया। इस वजह से बांध निर्माण कार्य रुका हुआ है।
बांध निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। सर्वे का काम भी पूरा हो गया है। बांध निर्माण में वन विभाग की जमीन भी आ रही है। वन प्रकरण का मामला अभी तक नही सुलझा है। इस वजह से बांध निर्माण का कार्य रुका हुआ है।
- बीके गजभिए, प्रभारी एसडीओ सिंचाई, डौंडी
Updated on:
23 Sept 2021 10:12 am
Published on:
23 Sept 2021 10:12 am
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