ग्राम अरकार से किकिरमेटा के मध्य डायवर्सन पुल लगातार दूसरे साल भी बह गया। एक पखवाड़े से मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे क्षेत्र का दुर्ग-पाटन से सीधा संपर्क टूट गया है।
बालोद/गुरुर . ग्राम अरकार से किकिरमेटा के मध्य डायवर्सन पुल लगातार दूसरे साल भी बह गया। एक पखवाड़े से मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे क्षेत्र का दुर्ग-पाटन से सीधा संपर्क टूट गया है। ग्राम अरकार से किकिरमेटा के मध्य स्थित नदी के ऊपर एक वृहद पुल निर्माण छत्तीसगढ़ राज्य सड़क क्षेत्र परियोजना एडीबी प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है। कार्य स्थल पर लगे सूचना बोर्ड के अनुसार पुल को नवंबर 2021 को पूर्ण होना था, लेकिन पुल का आधा से अधिक काम बाकी है।
वृहद पुल का दो साल से चल रहा निर्माण
वृहद पुल का निर्माण दो साल से चल रहा है। विभाग ने डायवर्सन पुल आवागमन के लिए बनाया था। पुल में पाइप डालकर उसकी भराई मिट्टी से कर दी गई। ऊपर से उसे पक्का नहीं किया गया। 2022 के मानसून सत्र में पुल पूरी तरह बह गया था। लगभग 4 माह आवागमन बाधित रहा।
डायवर्सन पुल को पक्का और मजबूत बनाना था
जानकार बताते हैं कि वृहद पुल के निर्माण में समय लगता है। इसके कारण डायवर्सन पुल को पक्का और मजबूत बनाया जाना चाहिए। वर्तमान में डायवर्सन पुल की मिट्टी फिर से पूरी तरह बह गई, जिससे पुल पर एक पखवाड़े से आवागमन बाधित है। एक सप्ताह पूर्व कच्चे डायवर्सन को पाइप एवं मिट्टी डालकर चलने लायक बनाया गया था। वह पानी में फिर बह गया।
भारी मालवाहक प्रतिदिन बड़ी संख्या में चलते हैं
पुल दुर्ग, जामगांव आर, बेल्हारी, किकिरमेटा, अरकार, सनौद, पुरूर मार्ग पर स्थित है। मार्ग पर रेत, मिट्टी सहित भारी मालवाहक प्रतिदिन बड़ी संख्या में चलते हैं। दुर्ग-भिलाई के लिए पलारी, सनौद, अरकार क्षेत्रवासियों के लिए सीधा व नजदीक मार्ग है। इस मार्ग व निर्माणाधीन पुल पर यातायात का दबाव रहता है। इसके बाद भी कच्चा डायवर्सन पुल बनाने से कई सवाल खड़े होते हैं।
पक्के पुल का प्रावधान नहीं
एडीबी प्रोजेक्ट के अनुविभागीय अधिकारी श्याम साहू ने कहा कि डायवर्सन पुल को कच्चा बनाया जाता है। पक्के पुल का प्रावधान नहीं है।