होली के लिए बाजार सज गए हैं। पिचकारियां, गुलाल, रंग-बिरंगी टोपिया बिकने लगी है। बाहुबली, कोहली और धोनी की पिचकारी बच्चों खूब पसंद आ रही है।
तिल्दा नेवरा . होली के लिए बाजार सज गए हैं। पिचकारियां, गुलाल, रंग-बिरंगी टोपिया बिकने लगी है। बाहुबली, कोहली और धोनी की पिचकारी बच्चों खूब पसंद आ रही है। इस बार की होली में रंग फेंकने के लिए सिलिंडर स्टाइल की पिचकारी बाजार में आई है जो लोगों को काफी पंसद आ रही है। इसका इस्तेमाल उसी तरह से किया जाता है जैसे आग बुझाने वाले सिलिंडर को चलाया जाता है।
वही होला ब्लास्टर भी बाजार में छाया हुआ है। इसमें गुलाल भरकर हवा में उड़ा सकते हैं या भीड़ पर फेंक सकते हैं। इस बार की होली में बाजार में अनोखी चीजें काफी देखने को मिल रही है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि हर साल ग्राहकों की संख्या में कमी आ रही है लेकिन इसके बावजूद बाजार में खरीदारों को आकर्षित करने के लिए नई-नई चीजें मंगाई जा रही है ताकि लोगों की भीड़ दुकान में आए।
ऐसे तो लोगों की सूखी होली के प्रति रुचि लगातार बढ़ती जा रही है इसीलिए पिचकारी और रंग की खपत काफ ी कम हो गई है। लेकिन आज भी बच्चों के लिए फेवरेट पिचकारीही है। दुकानदारों ने भी ऐसी पिचकारिओं को ही सजाकर रखा है ताकि बच्चों की नज उस पिचकारी पर जाए। इस साल आई नई पिचकारिओं में बच्चों की पहली पसंद डबल बैरल गन वाली पिचकारी है। पिछले साल की तरह इस साल भी 50-50 गुब्बारों वाला सेट खूब बिक रहा है।
गुलाल में इस बार हर्बल गुलाल की अधिक डिमांड है दुकानदारों का भी कहना है कि अधिकतर लोग उनसे हर्बल गुलाल मांग रहे हैं। इसलिए पहले की अपेक्षा इस बार ज्यादा हर्बल गुलाल मंगवाया गया है। फ लों की महक वाले गुलाल भी बेचे जा रहे हैं इसके अलावा टोपियां रंग भरे कैप्सूल और दूसरे कई आइटम बेचे जा रहे हैं।
वैसे तो मुकुट पर पूरी तरह से बैन लगा हुआ है लेकिन इसके बावजूद बाजार में मुखोटे खुले आम बिक रहे है। डोरेमॉन, मोटू पतलू, स्पाइडर-मैन, मिकी माउस जैसे पात्रों के मुखोटे से सभी दुकान भरे पड़े हैं। इनकी कीमत 10 से लेकर 50 तक है। दुकानदार ने बताया कि होली खेलते समय लोग अक्सर सिर को बचाने के लिए टोपी व पगड़ी का इस्तेमाल करने लगे हैं। इसलिए इनकी बिक्री भी खूब है।