
Elephants killed villager
वाड्रफनगर. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत जौराही के चवरसरई के जंगल में शुक्रवार की दोपहर 13 हाथियों का दल पहुंचा था। सूचना मिलते ही वन अमला अन्य ग्रामीणों के साथ हाथियों को खदेडऩे जंगल में घुस गया। इस दौरान हाथियों ने उन्हें दौड़ाया तो सभी भागने लगे।
इस बीच एक ग्रामीण जिसका नाम शेर सिंह था, वह हाथियों की चपेट में आ गया। हाथियों ने उसे कुचलकर मार डाला। वहीं अन्य ग्रामीण व वनकर्मी जान बचाकर भाग निकले।
रातभर शेर सिंह के घर नहीं पहुंचने पर शनिवार की सुबह सभी जंगल की ओर उसे खोजने निकले। इसी बीच उसकी लाश जंगल किनारे पड़ी मिली। वन विभाग द्वारा उसके परिजनों को सहायता राशि वितरित की गई।
वन परिक्षेत्र रघुनाथनगर के ग्राम पंचायत जौराही के चवरसरई निवासी शेर सिंह पिता जगसाय उम्र लगभग 38 वर्ष वन अमला रघुनाथनगर के साथ शुक्रवार की दोपहर हाथियों के झुंड को भगाने गया था। लगभग 30- 40 कि संख्या में गए ग्रामीणों को हाथियों ने वापस दौड़ाया। इस दौरान शेर सिंह हाथियों की चपेट में आ गया।
इसके बाद हाथियो ने उसे कुचलकर मार डाला, जबकि अन्य लोग वहां से भाग निकले। जब रात में शेर सिंह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों को उसकी चिंता हुई। लोगों से घरवालों ने पूछताछ की लेकिन डर से जंगल जाने की हिम्मत किसी ने नहीं की। शनिवार की सुबह परिजन व ग्रामीण जंगल के किनारे खोजते हुए पहुंचे तो शेर सिंह की लाश मिली।
सूचना पर वन अमले ने शव को बरामद कर पीएम के लिए भेजा। फिलहाल 13 हाथियों का दल गैना सोनहत जंगल में डेरा जमाए हुए है। हाथियों ने कई ग्रामीणों की फसल व मकानों को भी नुकसान पहुंचाया है। हाथियों के डर से लोग रतजगा करने को विवश हैं।
परिजनों को दी सहायता राशि
ग्रामीण की मौत के बाद रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रेमचंद मिश्रा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को हाथियों के दल से दूर रहने की सलाह दी।
साथ ही पीडि़त परिवार को तत्काल मदद के रूप में 25 हजार रुपए अंतिम संस्कार के लिए सहायता राशि प्रदान की। इधर ग्रामीणों में इस बात को लेकर वन विभाग के प्रति आक्रोश है कि वे ग्रामीणों को लेकर जंगल में हाथियों को भगाने क्यों गए।
Published on:
20 Oct 2018 04:54 pm
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