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इस जिले के 401 सरकारी भवन ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम’ से लैस

जिले में शुरू किए गए 'जलक्रांति अभियान' को मिली है बड़ी सफलता,  रेनवाटर हार्वेस्टिंग लगाने के आदेश का कलेक्टर द्वारा गंभीरता से किया गया पालन

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Pranayraj rana

Jun 15, 2016

Rain water harvesting

Rain water harvesting system

बलरामपुर.
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम पंचायत, खंड स्तर के जनपद पंचायत एवं जिला स्तर के सभी कार्यालय भवनों में वर्षा जल को संग्रहित करने अभियान चलाया गया था। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विधि से बारिश का पानी जमीन में पहुंचाया जाता है। इसका जिले में सख्ती से पालन हुआ है।


अब तक विकासखंड बलरामपुर में 72, रामचन्द्रपुर में 82, वाड्रफनगर में 82 राजपुर में 57, शंकरगढ़ में 49 तथा कुसमी में 59 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बन चुके हैं। इस प्रकार कुल 401 शासकीय भवनों में में रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया गया है।


छत्तीसगढ़ शासन के रेनवाटर हार्वेस्टिंग लगाने के आदेश का कलेक्टर अवनीश कुमार शरण द्वारा गंभीरता से पालन किया गया। आज से डेढ़ माह पूर्व सभी कार्यालय प्रमुखों को जिले के सभी शासकीय कार्यालय एवं भवनों में अनिवार्य रूप से रेनवाटर हार्वेस्टिंग लगाकर वर्षा जल को संग्रहित कर जमीन में पहुंचाने की मुहिम शुरू की गई थी।


इस अभियान का नाम जलक्रांति बलरामपुर दिया गया था। राज्य शासन के आदेश एवं कलेक्टर के निर्देशों का जिले में सख्ती से पालन हुआ है। जिले में 100 अन्य भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना तैयार करने की प्रक्रिया निरंतर है। उक्त अभियान को प्रारम्भ में शासकीय भवनों तथा शासकीय अमले के साथ ही शुरू किया गया था


किन्तु कुछ संरचनाओं के तैयार होने के बाद ग्राम सभा, स्व-सहायता समूहों की बैठकों तथा जनपद स्तर पर पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक में समय-समय पर इसके प्रचार-प्रसार करने का व्यापक लाभ हुआ है। इसी वर्ष लगभग 200 अन्य पंचायत प्रतिनिधियों तथा समूह के सदस्यों द्वारा जिले में रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।


क्या है रेन वाटर हार्वेस्टिंग

रेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से वर्षा के जल को संचय कर वैज्ञानिक ढंग से जमीन के अन्दर प्रवेश कराया जाता है। इस प्रकार वर्षा जल अनावश्यक रूप से न बहकर धरती में प्रवेश करने से जमीन का जल स्तर बना रहता है।

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